मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी और हमीरपुर जिलों में पीलिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालात इतने चिंताजनक बन चुके हैं कि सैकड़ों लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, मंडी जिले में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

नवविवाहिता की पीलिया से मौत

जानकारी के अनुसार, गोहर उपमंडल के नेहरा पंचायत के रौड़ी गांव की रहने वाली 19 वर्षीय नवविवाहिता शानिया की इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। शानिया बासा महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।

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हफ्ते से चल रहा था इलाज

परिजनों ने बताया कि शानिया पिछले एक हफ्ते से पीलिया के लक्षणों से जूझ रही थी। शुरुआत में शानिया को सिविल अस्पताल गोहर में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया।

PGI में तोड़ा दम

वहां भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे PGI चंडीगढ़ भेज दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद शानिया की हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में पीलिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है, जबकि मरीजों का आंकड़ा 210 के पार पहुंच चुका है।

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इलाके में डर और गुस्से का माहौल

शानिया की मौत के बाद गोहर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी भी साफ देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद बीमारी को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पीने के पानी की गुणवत्ता खराब है और समय पर जांच व सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

हमीरपुर में भी बिगड़ते हालात

मंडी के साथ-साथ हमीरपुर जिले में भी पीलिया का असर तेजी से फैल रहा है। खासकर बड़ू क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी के तहत आने वाले करीब दस गांव इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

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30 छात्र पीलिया की चपेट में

यहां पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र भी संक्रमण से अछूते नहीं रहे। जानकारी के मुताबिक, करीब 30 छात्र पीलिया से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है- जिसके कारण उसे ICU में भर्ती करवाया गया है। उधर, बीते सोमवार को काथल गांव के 20 वर्षीय युवक में भी पीलिया की पुष्टि हुई, जिससे साफ है कि संक्रमण अभी भी फैल रहा है।

कैसे फैल रहा पीलिया?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीलिया आमतौर पर दूषित पानी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण फैलता है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि इन क्षेत्रों में जल स्रोतों का प्रदूषण इस बीमारी के फैलने की मुख्य वजह हो सकता है।

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प्रशासन पर बढ़ा दबाव

लगातार बढ़ते मामलों और मौतों के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि-

  • सभी जल स्रोतों की तुरंत जांच की जाए
  • प्रभावित क्षेत्रों में साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
  • स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच और इलाज किया जाए
  • संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए

सतर्क रहने की जरूरत

पीलिया का यह बढ़ता प्रकोप साफ संकेत दे रहा है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। ऐसे में लोगों को भी सतर्क रहने, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

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क्या है पीलिया?

पीलिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि एक स्थिति है- जो आमतौर पर लिवर में गड़बड़ी या शरीर में बिलीरुबिन बढ़ने के कारण होती है। हिमाचल जैसे पहाड़ी इलाकों में यह अक्सर दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण फैलता है।

पीलिया के लक्षण

पीलिया के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है-

  • आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ना
  • त्वचा (स्किन) पीली दिखना
  • पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा होना
  • कमजोरी और थकान महसूस होना
  • भूख कम लगना
  • मतली और उल्टी
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • बुखार (कुछ मामलों में)
  • वजन कम होना

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पीलिया के मुख्य कारण

पीलिया कई कारणों से हो सकता है, लेकिन हिमाचल जैसे मामलों में ये प्रमुख हैं:

दूषित पानी

  • गंदा या संक्रमित पानी पीने से
  • पानी में वायरस/बैक्टीरिया (जैसे हेपेटाइटिस A और E)

खराब स्वच्छता

  • खुले में गंदगी
  • हाथ साफ न रखना
  • संक्रमित भोजन

लिवर की बीमारी

  • हेपेटाइटिस (A, B, C, E)
  • शराब का अधिक सेवन
  • फैटी लिवर

दवाइयों का साइड इफेक्ट

  • कुछ दवाएं लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं

खून से जुड़ी समस्याएं

  • RBC (लाल रक्त कोशिकाओं) का ज्यादा टूटना

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पीलिया से बचाव

पीलिया से बचाव पूरी तरह संभव है अगर कुछ सावधानियां अपनाई जाएं-

साफ पानी पिएं

  • हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया पानी पिएं
  • बाहर का खुला पानी पीने से बचें

स्वच्छता का ध्यान रखें

  • खाने से पहले और टॉयलेट के बाद हाथ जरूर धोएं
  • घर और आसपास सफाई रखें

खाना सुरक्षित रखें

  • बासी और खुला खाना न खाएं
  • फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं

टीकाकरण

  • हेपेटाइटिस A और B के टीके लगवाएं

शराब से दूरी

  • ज्यादा शराब पीना लिवर के लिए खतरनाक है

समय पर जांच

  • अगर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

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खास सलाह

अभी जिस तरह से हिमाचल के कुछ इलाकों में पीलिया फैल रहा है, वहां लोगों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

  • पानी उबालकर ही पिएं
  • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
  • लक्षण दिखते ही इलाज शुरू करवाएं

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