#अपराध
March 19, 2026
हिमाचल के कांग्रेस नेता को भेजा तिहाड़ जेल, PM मोदी से जुड़ा है मामला
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति गरमाई
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ऊना। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। ऊना जिले के गगरेट क्षेत्र से जुड़े एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में अनिल डडवाल को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 25 फरवरी को अनिल डडवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर BNS की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए- जिनमें सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने का संदेह शामिल है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि पोस्ट की प्रकृति गंभीर थी, जिसके चलते तुरंत कार्रवाई जरूरी समझी गई। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम हिमाचल प्रदेश के गगरेट क्षेत्र के घानारी इलाके में डडवाल को पकड़ने पहुंची थी, लेकिन उस समय वह टीम के हाथ नहीं लगे। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें समन भेजा।
समन मिलने के बाद अनिल डडवाल ने खुद आगे आकर जांच में सहयोग देने का निर्णय लिया। वह बीते सोमवार को दिल्ली में स्पेशल सेल के दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को पर्याप्त आधार मिलने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद डडवाल को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की गहराई से जांच की जा सके। रिमांड अवधि खत्म होने पर बुधवार को उन्हें दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दोबारा पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

अनिल डडवाल स्थानीय राजनीति में एक सक्रिय चेहरा रहे हैं। वह ग्राम पंचायत दियोली में उपप्रधान रह चुके हैं और पंचायत समिति के सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। क्षेत्रीय स्तर पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और उन्हें गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया के करीबी समर्थकों में गिना जाता है।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विधायक राकेश कालिया ने खुलकर अनिल डडवाल का समर्थन किया है। उनका कहना है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया और कहा कि किसी भी व्यक्ति की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
फिलहाल, इस मामले में जांच जारी है और दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की प्रकृति, उसके प्रभाव और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।