सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। शहर में मॉल रोड पर घूम रहे 18 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई है। जवान बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जबकि, पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन है।
जवान बेटे की मौत
बताया जा रहा है युवक अपनी मां और बहन के साथ शहर के मॉल रोड पर घूम रहा था। इसी दौरान वो अचानक चक्कर खाकर गिर गया और उसकी मौत हो गई। जवान बेटे के मौत के बाद मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
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मॉल रोड पर घूम रह था सचिन
जानकारी के अनुसार, शिलाई का रहने वाला 18 वर्षीय सचिन बीते कल अपनी मां और बहन के साथ मॉल रोड पर घूम रहा था। इसी दौरान अचानक उसे चक्कर आ गया और वो गिर गया। सचिन की मां और बहन ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन सचिन बेसुध हो गया था।
मां और बहन भी थीं साथ
सचिन की मां और बहन ने तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से सचिन को क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया। जहां पर मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सचिन की मौत के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
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सचिन को था काला पीलिया
उधर, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। शुरुआती जांच में पाया गया कि सचिन को काफी समय से काला पीलिया था- जिसके कारण उसके लिवर में भी काफी इन्फेक्शन हो गई थी। माना जा रहा है कि उसकी मौत काला पीलिया के कारण हुई है। मगर मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
क्या है काला पीलिया?
काला पीलिया आमतौर पर हेपेटाइटिस B और C संक्रमण को कहा जाता है। यह एक गंभीर लिवर संक्रमण है, जो वायरस के कारण होता है और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर का कारण बन सकता है।
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काला पीलिया के लक्षण
शुरुआती चरण में काला पीलिया के लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन संक्रमण बढ़ने पर ये लक्षण दिख सकते हैं-
- त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (जॉन्डिस)
- भूख न लगना और वजन घटना
- लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना
- पेट में दर्द या सूजन (विशेष रूप से दाईं ओर)
- मितली और उल्टी आना
- गहरे रंग का पेशाब
- हल्के रंग का मल
- बुखार और जोड़ों में दर्द
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काला पीलिया के कारण
हेपेटाइटिस B और C वायरस शरीर में निम्नलिखित कारणों से फैल सकता है-
संक्रमित खून के संपर्क में आना (ब्लड ट्रांसफ्यूजन, इस्तेमाल की हुई सुई से)
संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध
संक्रमित सुई या रेज़र का उपयोग
संक्रमित मां से बच्चे में संक्रमण (जन्म के समय)
अस्वच्छ भोजन या पानी का सेवन (हालांकि हेपेटाइटिस A और E मुख्य रूप से गंदे पानी से फैलते हैं)
कैसे करें बचाव?
- हेपेटाइटिस B का टीका उपलब्ध है, इसे समय पर लगवाएं।
- हेपेटाइटिस C का कोई टीका नहीं है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
- केवल प्रमाणित रक्त बैंकों से रक्त प्राप्त करें।
- दूसरों के ब्लेड, टूथब्रश, इंजेक्शन या नाखून काटने वाले उपकरण साझा न करें।
- संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करें।
- डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ से ही नया और स्वच्छ इंजेक्शन लगवाएं।
- विषैले पदार्थों से बचने के लिए शराब और अधिक वसायुक्त भोजन का सेवन न करें।
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काला पीलिया का उपचार
- हेपेटाइटिस B के लिए एंटीवायरल दवाएं उपलब्ध हैं।
- हेपेटाइटिस C का इलाज एंटीवायरल थेरेपी से संभव है।
- लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत गंभीर मामलों में पड़ सकती है।
