#हादसा
June 8, 2026
हिमाचल: पर्यटक को नदी किनारे मस्ती करना पड़ा भारी, पानी के तेज बहाव में बहा, मची अफरा तफरी
भीषण गर्मी से राहत पाने हिमाचल पहुंच रहे पर्यटक, नदी नालों में कर रहे मस्ती
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लाहौल-स्पीति। देश के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं। बर्फीली वादियों, झरनों, खड्डों और नदियों के बीच सुकून तलाशने पहुंचे कई सैलानी अक्सर रोमांच के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। पानी की गहराई, तेज बहाव और स्थानीय परिस्थितियों का अंदाजा लगाए बिना नदी-नालों में उतरना कई बार भारी पड़ जाता है।
ऐसा ही एक मामला जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी से सामने आया है, जहां चंद्रा नदी के किनारे मौज-मस्ती कर रहे एक पर्यटक को अपनी लापरवाही भारी पड़ गई। देखते ही देखते युवक नदी के तेज बहाव में बह गया और कुछ ही क्षणों में उसकी जान पर बन आई।
जानकारी के अनुसार बाहरी राज्य बुंदेलखंड से आए कुछ पर्यटक सीसू के समीप चंद्रा नदी के किनारे घूमने और फोटो खिंचवाने पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक नदी के काफी नजदीक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि पानी के किनारे खड़े होने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। चंद्रा नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण युवक कुछ ही पलों में पानी के साथ बहने लगा। अचानक हुई इस घटना से उसके साथ मौजूद अन्य पर्यटक घबरा गए और मदद के लिए शोर मचाने लगे।
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पर्यटकों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और जान जोखिम में डालकर नदी के बीच फंसे युवक तक पहुंचने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते रेस्क्यू हो जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और पर्यटक की जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते थे।
हिमाचल में पर्यटन सीजन के दौरान हर साल इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए आने वाले कई पर्यटक नदियों, खड्डों और झरनों में उतर जाते हैं, लेकिन उन्हें यहां के जल स्रोतों की वास्तविक परिस्थितियों का अंदाजा नहीं होता। पहाड़ी क्षेत्रों की नदियों का बहाव मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक तेज और खतरनाक होता है। ऊपर पहाड़ों में अचानक बर्फ पिघलने या पानी बढ़ने से कुछ ही मिनटों में जलस्तर बदल सकता है, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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प्रशासन द्वारा कई संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद कई पर्यटक सेल्फी लेने, वीडियो बनाने और रोमांच के लिए नदी के बीच चट्टानों तक पहुंच जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी नदियों के किनारे मौजूद पत्थर और चट्टानें अत्यधिक फिसलन भरी होती हैं। एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
मनाली पुलिस और प्रशासन लगातार पर्यटकों को जागरूक करने में जुटे हैं। सोशल मीडिया, होटल संचालकों और पर्यटन कारोबारियों के माध्यम से भी लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी नदी, खड्ड या नाले में बिना सुरक्षा और स्थानीय जानकारी के न उतरें। कुछ मिनटों का रोमांच पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।