शिमला। हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में समग्र शिक्षा निदेशालय में कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं का मकसद स्कूलों की पढ़ाई, प्रशिक्षण और प्रबंधन को डिजिटल और मजबूत बनाना है।
शिक्षा की गुणवत्ता प्रदेश 5वें स्थान पर
CM ने कहा कि पिछले तीन सालों में सरकार ने शिक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। इसका नतीजा यह रहा कि राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से सीधे 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
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स्कूलों में नई सुविधाएं
इस मौके पर विद्या समीक्षा केंद्र, शिक्षा दीर्घा, कार्यक्रम प्रबंधन स्टूडियो, नए सम्मेलन कक्ष और आधुनिक ताप व्यवस्था का उद्घाटन किया गया। इनसे शिक्षा से जुड़े आंकड़े एक ही डिजिटल मंच पर मिल सकेंगे और स्कूलों की निगरानी आसान होगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में बेहतरीन स्कूल
CM ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2032 तक प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूल बनाए जाएं। इसके लिए ‘शिक्षक सहायक’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं, जिससे शिक्षकों को पढ़ाने में मदद मिलेगी और उनका अतिरिक्त बोझ कम होगा।
शिक्षा विभाग में भर्तियां और खेल
सरकार शिक्षा विभाग में नई भर्तियां करेगी, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी न रहे। इसके साथ ही प्राथमिक स्कूलों में खेल प्रतियोगिताएं शुरू की जाएंगी, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।
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गरीब बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग
मेधावी छात्रों के लिए मुफ्त JEE और नीट कोचिंग को और मजबूत किया जाएगा। इसका फायदा उन बच्चों को मिलेगा जो आर्थिक कारणों से कोचिंग नहीं ले पाते।
स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक
बच्चों में बढ़ती मोबाइल की आदत को देखते हुए CM ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्र स्कूल में मोबाइल फोन नहीं ला सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे बच्चे पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।
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डिजिटल पढ़ाई से क्या होगा फायदा
नई डिजिटल प्रणालियों से छात्रों की पढ़ाई का सही आकलन किया जा सकेगा। स्कूलों की स्थिति, उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे दूर-दराज के इलाकों तक भी अच्छी शिक्षा पहुंचाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर अब 99.30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
