धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने धर्मशाला में भाजपा के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर चुनावी गारंटियों से लेकर बढ़ते सेस, कर्मचारियों-पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ और कानून व्यवस्था तक कई मुद्दों को लेकर जमकर निशाना साधा।

 

अनुराग ठाकुर ने पेट्रोल-डीजल पर सेस बढ़ाए जाने को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब हिमाचल में वह दिन दूर नहीं, जब सुक्खू सरकार जनता से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर भी सेस वसूलना शुरू कर देगी।

सेस के मुद्दे पर अनुराग का सरकार पर तंज

अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार लगातार जनता पर नए बोझ डाल रही है। पेट्रोल और डीजल पर सेस बढ़ाने के मुद्दे को लेकर उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह अलग-अलग माध्यमों से जनता पर आर्थिक भार बढ़ाया जा रहा है, उससे लगता है कि आने वाले समय में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के नाम पर भी सेस लगाने की नौबत आ सकती है।

 

 

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सुक्खू सरकार ने सिस्टम को ही कर दिया खटारा

कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर भी अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल की जनता से ‘खटाखट’ पैसे देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की व्यवस्था को ही ‘खटारा’ बना दिया। उन्होंने कहा कि अब जनता कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और चुनावी वादों का हिसाब मांगने के लिए तैयार है और आने वाले समय में प्रदेश की जनता कांग्रेस को ‘फटाफट-फटाफट’ सत्ता से बाहर करने का फैसला करेगी।

‘बूटकेस, लूटकेस और सूटकेस वाली सरकार

भाजपा सांसद ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला बोलते हुए उसे ‘बूटकेस, लूटकेस और सूटकेस वाली सरकार’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं।

 

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पेंशनरों के डीए और वित्तीय लाभों का मुद्दा उठाया

अनुराग ठाकुर ने पूर्व कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को भी अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पेंशनरों का 15 फीसदी डीए और वर्ष 2016 से जुड़े कई वित्तीय लाभ अब भी लंबित हैं। एचआरटीसी समेत विभिन्न बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों के कई मामले भी सरकार के समक्ष लंबित बताए जा रहे हैं। अनुराग ने कहा कि पेंशन कोई सरकार की ओर से दी जाने वाली खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का अधिकार और उनके लंबे सेवाकाल का सम्मान है।

 

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सरकार पर आवाज दबाने का आरोप

अनुराग ठाकुर ने प्रदेश में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और संगठनों पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मीडिया संस्थानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को लेकर कहा कि सरकार की आलोचना करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए और दावा किया कि हिमाचल में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।

 

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मोदी सरकार की योजनाओं का गिनाया जिक्र

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र ने पूर्व सैनिकों और कर्मचारियों के हित में वन रैंक, वन पेंशन जैसी व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा पेंशन अदालतों, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और ऑनलाइन पेंशन सुविधाओं के माध्यम से बुजुर्गों को राहत देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं को भाजपा सरकार बनने की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।

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सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने बनाई रणनीति

धर्मशाला में आयोजित इस सम्मेलन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। पूर्व विधायक विशाल नैहरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा और सह-मीडिया प्रभारी विश्व चक्षु सहित कई नेताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। सम्मेलन के जरिए भाजपा ने कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सुक्खू सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा और तेज करने के संकेत दिए।

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