#राजनीति
August 21, 2026
हिमाचल विस में पहले ही दिन घमासान- वंदे मातरम पर हंगामा, नौकरियों को लेकर भड़का विपक्ष
सदन शुरू होने से पहले ही भाजपा का प्रदर्शन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव की भेंट चढ़ गया। सदन के भीतर विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले सदन के बाहर भी भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुनावी गारंटियों पर सवाल उठाए।
विपक्ष ने सरकार को पांच लाख सरकारी नौकरियां देने के चुनावी वादे की याद दिलाते हुए जमकर नारेबाजी की। भाजपा का आरोप है कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को हर साल एक लाख नौकरियां देने और पांच साल में कुल पांच लाख रोजगार उपलब्ध करवाने का वादा किया था, लेकिन सरकार इस गारंटी को पूरा करने में नाकाम रही है।
मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में विपक्ष लॉज के बाहर प्रदर्शन किया। विधायक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों और चुनावी वादों को लेकर विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सरकार से बेरोजगार युवाओं को दिए गए पांच लाख रोजगार के वादे पर जवाब मांगा। विपक्ष का कहना है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और अन्य वर्गों से कई गारंटियां की थीं। इनमें से कई वादे अभी तक जमीन पर पूरी तरह नजर नहीं आ रहे हैं।
सदन की कार्यवाही के दौरान वंदे मातरम को लेकर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई और इसे लेकर हंगामा किया। विपक्ष के विरोध और लगातार नारेबाजी के कारण सदन का माहौल गरमाता गया। हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्रियों और विभागों को विपक्ष के सवालों के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के जवाब आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 20 साल में पहली बार 10 दिन का विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष से सदन में मुद्दे उठाने की अपील करते हुए कहा कि विरोध और वॉकआउट अपनी जगह हैं, लेकिन सरकार को भी सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए।
सुक्खू ने यह भी आशंका जताई कि चुनावी माहौल को देखते हुए विपक्ष सोशल मीडिया में बने रहने के लिए सदन में हंगामा कर सकता है। सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों का जवाब आंकड़ों और तथ्यों के साथ देने की तैयारी की गई है। ब मानसून सत्र के अगले दिन रोजगार, चुनावी गारंटियों और सरकार की नीतियों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।