#राजनीति
August 16, 2026
भर्ती घोटालों पर घिरी भाजपा : बाबा रामदेव की चेतावनी के बाद CM सुक्खू ने भी जमकर घेरा
रामदेव ने भर्ती प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
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शिमला। सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव के बयान ने हिमाचल प्रदेश की सियासत में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रामदेव के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें व्यवस्था में खामियां नजर आ रही हैं तो उन्हें बिना देरी किए आंदोलन शुरू करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि बाबा रामदेव ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर इतना गंभीर बयान तभी दिया होगा, जब उन्हें हालात बिगड़े हुए नजर आए होंगे। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हो रही हैं तो उन्हें तत्काल आंदोलन शुरू करना चाहिए। दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिद्वार में बाबा रामदेव ने देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई थी।
उन्होंने दावा किया था कि सरकारी नौकरियों में होने वाले इंटरव्यू में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां होती हैं। रामदेव ने यहां तक आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नौकरी हासिल करने के लिए 50 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक की रकम दिए जाने की बातें सामने आती हैं। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय के लिए गंभीर चुनौती बताया। रामदेव ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर समय रहते प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो देश में आंदोलन जैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा हो सकती हैं।
रामदेव के बयान का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा शासनकाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों के दौरान सरकारी भर्तियों में पेपर लीक के कई मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर हिमाचल प्रदेश में सामने आए पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले और तत्कालीन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर से जुड़े पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया।
उनका कहना था कि पिछली सरकार के समय भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले सामने आए और उनकी सरकार ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा। सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए पेपर लीक जैसी घटनाएं सबसे बड़ा झटका होती हैं, क्योंकि इससे मेहनत और योग्यता के आधार पर चयन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
बाबा रामदेव के भर्ती प्रक्रिया पर दिए बयान के बाद अब मुख्यमंत्री सुक्खू की प्रतिक्रिया से हिमाचल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू होने के आसार हैं। एक ओर सरकार पिछली भाजपा सरकार के दौरान सामने आए पेपर लीक मामलों को मुद्दा बना रही है, वहीं भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवाल आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में और जोर पकड़ सकते हैं।