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August 23, 2026
मणिमहेश जाने वालों के लिए बड़ी खबर! रात को यात्रा बैन, 1000 से ज्यादा जवान संभालेंगे मोर्चा
सुरक्षा व्यवस्था केवल मुख्य यात्रा मार्ग तक सीमित नहीं रहेगी।
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चंबा। प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने इस बार सख्त इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर रात के समय आवाजाही सीमित रहेगी और संवेदनशील हिस्सों में तय समय के बाद श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण यात्रा मार्ग को देखते हुए यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है।
DC मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में तय किया गया कि मैहला से आगे रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा पर रोक रहेगी। वहीं, हड़सर से पवित्र डल झील तक शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद रहेगी।
एसपी विजय कुमार सकलानी के अनुसार इस बार यात्रा के दौरान 1000 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। यात्रा मार्ग को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था केवल मुख्य यात्रा मार्ग तक सीमित नहीं रहेगी। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वैकल्पिक रास्तों को भी निगरानी के दायरे में रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे ऐसे रास्तों से होने वाली अनियंत्रित आवाजाही पर भी नजर रखी जा सकेगी।
यात्रा के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए भरमौर उपमंडलीय मुख्यालय में मुख्य संचार नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यहां से यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं, सुरक्षा और जरूरी सूचनाओं का समन्वय किया जाएगा।प्रशासन की कोशिश है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में सूचना संबंधित टीम तक जल्द पहुंचे और मौके पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
DC मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से मणिमहेश आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अनुसार ही यात्रा करें और प्रशासन की ओर से तय किए गए मार्गों का इस्तेमाल करें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा यात्रा व्यवस्था में तैनात जवानों और अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया है।प्रशासन के अनुसार रात के समय यात्रा पर रोक का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोकना नहीं, बल्कि कठिन पहाड़ी मार्ग पर अंधेरे के दौरान संभावित जोखिम को कम करना है, ताकि मणिमहेश यात्रा सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।