शिमला। पहाड़ियों में बसी शांत और प्रकृति से भरपूर भूमि हिमाचल प्रदेश अब मसूड़ों और दांतों से जुड़ी बीमारियों की गंभीर गिरफ्त में आ रही है। जो खतरा पहले केवल बुजुर्गों तक सीमित माना जाता था, अब वह युवा और अधेड़ आयु वर्ग को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। और इसका सीधा संबंध है- तंबाकू, सिगरेट, गुटखा और शराब जैसी आदतों से।

तंबाकू सेवन करने वाले हो जाएं सावधान

IGMC शिमला में स्थित टोबैको केयर सेंटर में पिछले छह महीनों के भीतर 538 मरीज पहुंचे, जिनके दांत और मसूड़े तंबाकू और धूम्रपान के कारण क्षतिग्रस्त हो चुके थे। तंबाकू का सेवन करने वालों को सतर्कता बरतने की जरूरत है- नहीं तो उनकी जान भी जा सकती है।

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चौकाने वाले आंकड़े आए सामने

IGMC में जो मरीज इलाज के लिए पहुंचे, उनमें 98% पुरुष और केवल 2% महिलाएं थीं। 95.8% मरीज धूम्रपान करने वाले थे और 4.2% तंबाकू चबाने वाले। इनमें-

  • 60.6% मरीजों की उम्र 50 वर्ष से कम थी। 
  • 39.4% लोग 50 वर्ष से अधिक उम्र के थे।
  • 60% मरीज शहरी इलाकों से थे।
  • 40% ग्रामीण पृष्ठभूमि से थे।

दांतों की दर्द से कैंसर का खतरा

IGMC के प्रधानाचार्य डॉ. आशु गुप्ता के अनुसार, तंबाकू और सिगरेट से मुंह की भीतरी परत और मसूड़े धीरे-धीरे सड़ने लगते हैं। सिगरेट और बीड़ी का धुआं मुंह के भीतर रक्त प्रवाह को कम कर देता है, जिससे मसूड़े कमज़ोर और सिकुड़ने लगते हैं। टार और निकोटिन के कारण दांत पीले, काले और बदरंगे बन रहे हैं। लगातार धूम्रपान करने से पेरियोडोंटाइटिस नामक बीमारी हो सकती है,जिसमें मसूड़े सड़ने लगते हैं और दांत अपनी पकड़ खो बैठते हैं।

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गुटखा और तंबाकू चबाने वालों में ओरल कैंसर

तंबाकू और गुटखा चबाने की आदत से-

  • सबसे पहले दांतों की ऊपरी परत खराब होती है, जिससे संवेदनशीलता और कैविटी बनने लगती है।
  • मुंह की झिल्ली में फाइब्रोसिस (सख्ती) आ जाती है, जिससे व्यक्ति को मुंह खोलने में तकलीफ होती है।
  • कई मामलों में मसूड़ों में सफेद या लाल चकत्ते भी दिखाई देते हैं, जो ओरल कैंसर के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं।

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शराब और ओरल हेल्थ का गहरा संबंध

डॉ. गुप्ता के अनुसार, शराब का सेवन भी दांतों और मसूड़ों की सेहत पर भारी असर डालता है-

शराब पीने से मुंह का pH स्तर अम्लीय हो जाता है- जिससे हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन, मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। शराब लार उत्पादन को कम कर देती है, जिससे मुंह सूखता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक शराब सेवन करने वालों में भी ओरल कैंसर की आशंका बनी रहती है।

 

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छोड़ से तंबाकू पीना

IGMC शिमला के टोबैको केयर सेंटर में न केवल इलाज किया जा रहा है, बल्कि लोगों को तंबाकू छुड़ाने के लिए परामर्श दिया जा रहा है। स्टाफ द्वारा नियमित शिक्षा और जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। मरीजों को मौखिक स्वच्छता और सही ब्रशिंग तकनीक सिखाई जा रही है।

 

डॉ. गुप्ता का कहना है कि तंबाकू और शराब से जितना दूर रहेंगे, उतना ही आपका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा। रोज़ाना दो बार ब्रश करें, हल्के हाथों से मसूड़ों की सफाई करें और हर 6 महीने में दंत जांच जरूर कराएं।

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सिगरेट पीना हो सकता है जानलेवा

दरअसल, सिगरेट पीने से इंसान के शरीर के की अंग प्रभावित होते हैं। सिगरेट पीने से दिल, किडनी, दिमाग और फेफड़ों की समस्या होती है। सिगरेट के अंदर निकोटीन होता है। ऐसे में सिगरेट पीने से ओर भी कई तरह की दिक्कतें होती हैं।

  • ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है।
  • धमनियां ब्लॉक होने की आशंका भी बढ़ जाती है- इससे दिल और दिमाग में ब्लड सप्लाई बाधित हो सकती है।
  • हार्ट अटैक और लकवा।
  • किडनी पर भी पड़ता है बुरा असर।
  • फेफड़ों को बुरी तरह से करता है प्रभावित।
  • बॉडी में कम हो जाती है ऑक्सीजन की सप्लाई।
  • लंग कैंसर की समस्या।
  • कई तरह की पेट की बीमारियां।

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कैसे छोड़ें सिगरेट पीने की आदत?

आप चाहें तो आप कई तरीकों से सिगरेट पीने की आदत को छोड़ सकते हैं। इस लत को छोड़ने के लिए बााजर में तमाम प्रोडेक्ट मौजूद हैं। जैसे कि-

  • च्यूइंगम
  • निकोटीन पैचेज
  • निकोटीन बबल गम
  • कई दवाइयां आदि।

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स्मोकिंग छोड़ने के घरेलू उपाय-

कई घरेलू उपाय अपना कर भी आप सिगरेट पीने की लत को छोड़ सकते हैं। सिगरेट पीने की लत छोड़ने के लिए मुलेठी, शहद, पानी, आंवला और दालचीनी बहुत मददगार साबित होते हैं-

  • पानी शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। सिगरेट की लत छोड़ने के लिए आपको दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीना चाहिए। इससे आपका इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है।
  • मुलेठी का हल्का मीठा स्वाद आपकी सिगरेट पीने की तलब को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। मुलेठी से थकान भी दूर होती है।
  • दालचीनी में कई तरह को पोषक तत्व पाए जाते हैं। दालचीनी के तीखे और कड़वे स्वाद से सिगरेट पीने की तलब कम होती है। इतना ही दालचीनी मानसिक तनाव को भी कम करती है।
  • शहद में कई तरह के मिनरल होते हैं- जो कि सिगरेट पीने की तलब को कम करते हैं। एक गिलास गुनगुने पानी में एक स्पून शहद डालकर पीने से सिगरेट की लत छोड़ने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर को कई तरह के लाभ भी होते हैं।
  • आंवला और अदरक को बराबर मात्रा में कद्दूकस करके सुखा लें। फिर इसमें नींबू और नमक डालकर इसे एक कंटेनर में स्टोर तक लें। जब भी सिगरेट पीने का मन हो तब इस चूर्ण का सेवन कर लें। ऐसा करने से सिगरेट छोड़ने में मदद मिलेगी।

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