हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की नवगठित टिल्लू पंचायत का प्रधान पद चुनाव इस बार पूरे इलाके में खास चर्चा का विषय बना रहा। आमतौर पर पंचायत चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक खेमों के उम्मीदवार आमने-सामने होते हैं। मगर यहां मुकाबला एक ही परिवार के भीतर देखने को मिला।

प्रधान पद के लिए 5 उम्मीदवार

प्रधान पद के लिए सगे पिता और पुत्र ने चुनावी मैदान में उतरकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। टिल्लू पंचायत में प्रधान पद के लिए कुल पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। मगर सबसे अधिक चर्चा अजय अत्री और उनके पिता संतोष शर्मा के बीच मुकाबले को लेकर रही।

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पिता-पुत्र में मुकाबला

गांव की चौपालों, दुकानों और बाजारों में हर तरफ इसी चुनाव की चर्चा होती रही। लोगों के लिए यह केवल पंचायत चुनाव नहीं, बल्कि परिवार और लोकतंत्र के बीच एक अनोखा मुकाबला बन गया था।

दूसरी बार प्रधान बना बेटा

मतगणना के बाद सामने आए नतीजे भी बेहद रोचक रहे। युवा उम्मीदवार अजय अत्री ने 184 मत हासिल कर लगातार दूसरी बार प्रधान बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि उनकी जीत बेहद करीबी रही। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नरदीप सिंह को 173 वोट मिले और अजय महज 11 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए।

 

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पिता को मिले सिर्फ 5 वोट

वहीं, चुनाव मैदान में उतरे उनके पिता संतोष शर्मा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका और उन्हें केवल 5 वोटों से संतोष करना पड़ा। पंचायत क्षेत्र में यह परिणाम चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि जनता ने अनुभव की बजाय युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया।

जीत के साथ जुड़ा नया रिकॉर्ड

अजय अत्री की जीत के साथ एक नया रिकॉर्ड भी जुड़ गया है। इससे पहले वह बेला पंचायत के प्रधान रह चुके हैं। बाद में बेला पंचायत के बड़े हिस्से को नादौन नगर परिषद में शामिल कर लिया गया था। इसके बाद शेष ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर नई टिल्लू पंचायत का गठन किया गया। अब नवगठित पंचायत के पहले प्रधान बनने का गौरव भी अजय अत्री के नाम दर्ज हो गया है।

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समर्थकों में खुशी की लहर

चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने मिठाइयां बांटी, ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और अजय अत्री को जीत की बधाई दी। पंचायत क्षेत्र में यह चुनाव लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला माना जा रहा है, क्योंकि यहां जनता ने रिश्तों से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक फैसला सुनाया।

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