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July 8, 2026

हिमाचल : मंजू मौ*त मामले में फिर सड़कों पर उतरे लोग, पति ने दे डाली आ*त्मदा.ह की चेतावनी

सोशल मीडिया कार्रवाई पर भी उठे सवाल

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Regional Hospital Kullu, Protest News

कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसूता मंजू शर्मा की मौत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। बुधवार को बड़ी संख्या में लोग ढालपुर मैदान में एकत्र होकर न्याय की मांग के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और आंदोलन से जुड़े लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई।

न्याय की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब

दरअसल, पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से लोग कुल्लू पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रसूता की मौत के मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए।

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यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

पति ने दी आत्मदाह की चेतावनी

संभावित तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्रीय अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। अस्पताल के 100 मीटर दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा-163 लागू की गई, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा अस्पताल परिसर के बाहर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया, ताकि चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

प्रदर्शन के दौरान मृतका मंजू शर्मा के पति सतीश शर्मा भावुक हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक उचित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित चिकित्सक और ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों में भावनात्मक माहौल बन गया।

सोशल मीडिया कार्रवाई पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के बाद मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित चिकित्सक के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही परिजनों ने पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर किए जाने की भी अपील की।

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आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि इस मामले से जुड़े बंटी सराजी और संजय चौहान के सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित कर दिए गए हैं तथा उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन मामलों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने के बजाय न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने दी सीमित अनुमति

प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के लिए ढालपुर मैदान में निर्धारित स्थान पर सभा आयोजित करने और साउंड सिस्टम लगाने की अनुमति दी थी। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की पूरी छूट दी गई, लेकिन अस्पताल की सेवाओं और आम लोगों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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