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July 10, 2026

हिमाचल में समर टूरिस्ट सीजन पर लगी ब्रेक : 3 महीने में पहुंची 22 लाख गाड़ियां

265 पुलिस और होमगार्ड कर्मियों ने संभाली कमान

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ समर टूरिस्ट सीजन का समापन हो गया है। इस वर्ष गर्मियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचे।

समर टूरिस्ट सीजन पर लगी ब्रेक

सीमित सड़क क्षमता वाले पहाड़ी शहर में लाखों वाहनों की आवाजाही के बावजूद शिमला पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। SP गौरव सिंह ने बताया कि मई से लेकर जुलाई के शुरुआती दिनों तक शिमला के विभिन्न प्रवेश मार्गों से करीब 22 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।

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3 महीने में पहुंची 22 लाख गाड़ियां

इनमें मई में लगभग 8.5 लाख, जून में 10.5 लाख और जुलाई में अब तक करीब 3 लाख वाहन शामिल रहे। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के दबाव के बावजूद शहर में यातायात को व्यवस्थित बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे सुनियोजित प्रबंधन के जरिए सफलतापूर्वक संभाला गया।

265 पुलिस और होमगार्ड कर्मियों ने संभाली कमान

पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पहले जहां 136 पुलिस एवं होमगार्ड कर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे, वहीं इस संख्या को बढ़ाकर 265 कर दिया गया।

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इसके अलावा करीब 50 स्वयंसेवकों और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को भी मैदान में उतारा गया, ताकि जाम या किसी अन्य बाधा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर यातायात को सामान्य किया जा सके।

पांच सेक्टरों में बांटकर लागू की गई विशेष ट्रैफिक रणनीति

SP गौरव सिंह ने बताया कि इस बार यातायात प्रबंधन के लिए शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी डीएसपी ट्रैफिक की निगरानी में एक एनजीओ ग्रेड-वन अधिकारी को सौंपी गई। ये अधिकारी केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वयं सड़कों पर मौजूद रहकर यातायात संचालन का नेतृत्व करते रहे।

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इसके साथ ही थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहे। व्यस्त समय के दौरान हालात की नियमित समीक्षा की गई और जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, मौके पर ही त्वरित निर्णय लेकर यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया।

वैकल्पिक मार्गों से कम हुआ शहर का ट्रैफिक दबाव

शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का प्रभावी उपयोग कराया। कुफरी, मशोबरा, नालदेहरा, अपर शिमला और किन्नौर की ओर जाने वाले वाहनों को शोघी-मेहली बाईपास से भेजा गया। इसके लिए संबंधित वाहनों की पहले से पहचान कर उन्हें विशेष स्टिकर लगाए गए, जिससे उन्हें आसानी से वैकल्पिक मार्ग की ओर मोड़ा जा सके।

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नहीं करना पड़ा जाम का सामना

इस व्यवस्था का सकारात्मक असर देखने को मिला और प्रतिदिन औसतन 600 से 800 वाहन इस बाईपास मार्ग से गुजरे। इससे शिमला शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम रहा और पर्यटकों को भी अनावश्यक जाम का सामना नहीं करना पड़ा।

बड़े पर्यटक वाहनों को भी दी गई सुगम आवाजाही

पुलिस ने पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित किए बिना यातायात संचालन पर विशेष ध्यान दिया। ट्रैवलर, अर्बेनिया, स्कैनिया जैसी बड़ी यात्री गाड़ियों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने की अनुमति दी गई, जिससे पर्यटकों की आवाजाही बाधित नहीं हुई और पर्यटन गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं। वहीं, जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां ट्रैफिक पुलिस ने चरणबद्ध तरीके से वाहनों का नियमन कर जाम की स्थिति बनने से रोका।

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तकनीक और समन्वय से मजबूत हुआ ट्रैफिक प्रबंधन

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग स्थलों का प्रभावी प्रबंधन, सोशल मीडिया के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा तथा इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया गया।

 

इस अभियान में शिमला पुलिस की ट्रैफिक विंग, जिला पुलिस, होमगार्ड, NCC, NSS, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, स्थानीय युवाओं सहित अनेक स्वयंसेवकों और अन्य संबंधित विभागों ने समन्वित रूप से कार्य किया।

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क्या बोले SP साहब?

SP गौरव सिंह ने कहा कि समर टूरिस्ट सीजन के दौरान भारी वाहनों के दबाव के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखना पुलिस, विभिन्न विभागों और आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। प्रभावी योजना, सतत निगरानी और त्वरित फील्ड रिस्पॉन्स के कारण इस बार पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपेक्षाकृत बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।

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