#विविध
July 10, 2026
हिमाचल में 2500 छात्रों ने छोड़े CBSE स्कूल, दस दिन में सरकार लेगी बड़ा फैसला
कैबिनेट सब कमेटी ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब जल्द समाप्त हो सकता है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी पूरी कर ली है। 20 जुलाई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा होगी और कैबिनेट सब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी का असर सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों के भविष्य पर पड़ा है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि इस मामले की समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा की मेरिट सूची के आधार पर की जाए। अब इस सिफारिश पर मंत्रिमंडल अंतिम निर्णय लेगा।
सरकार के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों पर पड़ा है। पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण करीब 2500 छात्र-छात्राओं ने सीबीएसई स्कूलों से नाम वापस लेकर दूसरे शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले लिया है। सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत मान रही है और जल्द समाधान निकालने के पक्ष में है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि समय रहते नियुक्तियां पूरी नहीं हुईं तो भविष्य में विद्यार्थियों का भरोसा सरकारी सीबीएसई स्कूलों से और कम हो सकता है। ऐसे में सरकार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और शीघ्र पूरा करने के लिए कैबिनेट स्तर पर निर्णय लेने जा रही है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मानसून के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश के सभी उपायुक्तों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद करने का अधिकार दिया गया है। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक कारणों से स्कूल बंद किए जाते हैं तो उस अवधि में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी अवकाश मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इसलिए मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अपने स्तर पर उचित निर्णय लेने के लिए अधिकृत रहेगा।
अब शिक्षा विभाग और हजारों अभ्यर्थियों की नजर 20 जुलाई को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में लिए गए फैसले से न केवल सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, बल्कि विद्यार्थियों का भरोसा भी दोबारा मजबूत होगा।