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July 11, 2026
हिमाचल : मानसून में बरस रही आफत की बारिश, अब तक 17 लोगों की मौ.त, 120 से ज्यादा...
बारिश का कहर जारी, कई जिलों में जीवन अस्त-व्यस्त
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं।
बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में तीन और लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस मानसून सीजन में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वहीं, भूस्खलन की एक घटना में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रदेश में सबसे अधिक असर सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों में देखने को मिला। इन क्षेत्रों में एक ही दिन के दौरान सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं, पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने लगे तथा यातायात भी प्रभावित हुआ।
कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में दर्दनाक हादसे में 70 वर्षीय शिव राम की जान चली गई। वह अपने गांव से बाजार की ओर पैदल जा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने लगे। एक बड़ा पत्थर उनके सिर पर आ गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसी क्षेत्र में बकरियां चराने गए 62 वर्षीय व्यक्ति का पैर बारिश के कारण फिसलन भरे रास्ते पर फिसल गया और वह करीब 100 मीटर गहरी ढांक में गिर गए। हादसे में उनकी भी जान नहीं बच सकी।
सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में भी एक दुखद घटना सामने आई। जामनीवाला क्षेत्र में किराये के कमरे में रह रहे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी 25 वर्षीय युवक रोहित कुमार की सांप के काटने से मौत हो गई। लगातार बारिश के चलते सांप और अन्य जहरीले जीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल रहे हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है।
सोलन जिले के कुनिहार क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में एक चलती कार आ गई। कार में सवार अर्की क्षेत्र के एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। हादसे में दो महिलाओं को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में फिर भूस्खलन होने से स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यही वह स्थान है जहां पिछले वर्ष हुए भूस्खलन में दस लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने प्रभावित पहाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल बिछाया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया। हणोगी बाजार के समीप पहाड़ी से चट्टान और मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित हो गया। हालांकि प्रशासन और मशीनरी की मदद से मार्ग को साफ कर सुबह बड़े वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। मंडी जिले के झलोगी क्षेत्र में भी पर्यटकों की कार पर पत्थर गिर गए। राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित बच निकले।
सिरमौर जिले के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में भारी बारिश ने उद्योगों और स्थानीय कारोबार को भी प्रभावित किया है। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं, जबकि पानी घरों, दुकानों और फैक्ट्रियों के भीतर तक पहुंच गया। मीरपुर कोटला स्थित कई औद्योगिक इकाइयों में तैयार और कच्चे माल को नुकसान पहुंचा है। जलभराव के कारण श्रमिक भी समय पर काम पर नहीं पहुंच सके, जिससे उत्पादन पर असर पड़ा।
नाहन शहर में भी भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा टल गया। बड़ा चौक स्थित जोशियों वाली गली में सिरमौर रियासत महल का डंगा गिरने से आसपास के आठ परिवारों के करीब 40 लोग अपने घरों में फंस गए। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
लगातार बारिश के चलते सिरमौर जिले की प्रमुख नदियों गिरि, यमुना, जलाल, वाता और टॉस का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गिरि नदी में पानी बढ़ने के बाद गिरि जटोन बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी की जा सके। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शिमला के विकासनगर क्षेत्र में रात के समय पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि टुटू क्षेत्र में दो पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदेशभर में करीब 120 संपर्क मार्ग बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।