शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान कई पंचायतों में बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। ठियोग की ग्राम पंचायत मझार में प्रधान पद का चुनाव खास चर्चा का विषय बना रहा, जहां जीत और हार का फैसला महज दो वोटों से हुआ।
पंचायत चुनाव में दिलचस्प मुकाबला
महिला आरक्षित प्रधान पद के लिए तीन महिला प्रत्याशी मैदान में थीं। मतदान सुबह से ही उत्साह के साथ शुरू हुआ और दोपहर तक लगातार मतदाता मतदान केंद्र पहुंचते रहे। मतदान के दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थक हर वोट पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन शायद किसी ने भी नहीं सोचा था कि मुकाबला इतना कांटे का होगा।
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सिर्फ दो वोटों से जीती महिला
जब मतगणना पूरी होने के बाद ARO ने परिणाम घोषित किए तो पंचायत भवन में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। नतीजों के अनुसार ऊषा देवी ने 366 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी बबीता को 364 मत मिले।
ऊषा देवी बनी प्रधान
तीसरी प्रत्याशी अनिता देवी को 192 वोट प्राप्त हुए। इस तरह ऊषा देवी ने केवल दो मतों के अंतर से प्रधान पद अपने नाम कर लिया। परिणाम सुनते ही पहले तो लोग हैरानी में पड़ गए। मगर दोबारा विजेता का नाम घोषित होते ही समर्थकों ने तालियों और सीटियों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया।
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समर्थकों में भारी उत्साह
जीत के बाद ऊषा देवी ने पंचायत की जनता और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए सभी को साथ लेकर विकास कार्य करने का भरोसा दिलाया। इस चुनाव में नोटा पर भी लोगों ने वोट डाले। चार मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना, जबकि 16 वोट अमान्य घोषित किए गए। कुल 922 वोटों की गिनती के बाद विजेता का फैसला हुआ।
उपप्रधान पद पर भी मुकाबला रोचक
उपप्रधान पद का मुकाबला भी कम दिलचस्प नहीं रहा। इस पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें वीर सिंह ने 473 वोट लेकर जीत हासिल की। उनके प्रतिद्वंद्वी को 428 मत मिले। इस चुनाव में 28 वोट अमान्य पाए गए, जबकि 16 लोगों ने नोटा पर मुहर लगाई।
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दो वोटों से हुआ फैसला
उधर, शरमाला पंचायत में भी बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। यहां प्रधान पद का फैसला दो वोटों से हुआ, जबकि उपप्रधान पद पर उम्मीदवार ने मात्र चार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
31 मई को नतीजों की घोषणा
पंचायत चुनाव में कुल 942 मत पड़े। अब लोगों की नजरें बीडीसी और जिला परिषद चुनावों के नतीजों पर टिकी हैं, जिनकी घोषणा 31 मई को की जाएगी। पूरे क्षेत्र में इस चुनाव की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि यहां हर एक वोट की अहमियत साफ दिखाई दी।
