शिमला। हिमाचल प्रदेश के मौजूदा और पूर्व विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के कई मौजूदा और पूर्व विधायकों (माननीयों) के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस वापस लेने की मंजूरी दे दी है। यह केस कोविड 19 महामारी के दौरान दर्ज हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामलों में गंभीर या जघन्य अपराध के आरोप सामने नहीं आते हैं। अदालत के इस फैसले के बाद प्रदेश के कई माननीयों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का रास्ता साफ हो गया है।
65 मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था मामला
यह मामला हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें हाईकोर्ट के अप्रैल 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार ने मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज कुल 65 मामलों को वापस लेने की अनुमति मांगी थी। ये मामले मुख्य रूप से COVID-19 महामारी के दौरान हुए धरना-प्रदर्शन और विरोध से जुड़े थे।
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राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इन मामलों में ऐसा कोई गंभीर अपराध नहीं हुआ, जिसके चलते मुकदमों को आगे जारी रखना जरूरी हो। सरकार ने यह भी बताया कि संबंधित घटनाओं में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या किसी व्यक्ति के घायल होने की बात सामने नहीं आई।
हाईवे पर पुतला जलाने और धरने के मामले भी शामिल
जिन मामलों को वापस लेने की अनुमति मांगी गई थी, उनमें हाईवे पर पुतले जलाने, धरना देने और महामारी के दौरान विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुकदमे भी शामिल थे। सरकार का कहना था कि COVID-19 का दौर असाधारण परिस्थितियों वाला समय था और उस दौरान आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी अलग-अलग परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने भी इन मामलों की प्रकृति पर गौर किया और पाया कि इनमें गंभीर अथवा जघन्य अपराध के आरोप दिखाई नहीं देते।
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चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने की सुनवाई
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि राज्य पहले ही इन मुकदमों को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांग चुका था। राज्य की ओर से यह भी जोर दिया गया कि मामलों में न तो कोई गंभीर अपराध हुआ और न ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। किसी के घायल होने की बात भी सामने नहीं आई।
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65 में से कई मामलों का पहले ही हो चुका निपटारा
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले की स्थिति पर भी गौर किया। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट में दाखिल आवेदन में कुल 65 मामले बताए गए थे। इनमें से पांच मामलों का निपटारा हाईकोर्ट में मामला लंबित रहने के दौरान ही हो गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने 15 मामलों को वापस लेने की अनुमति प्रदान की थी। बचे हुए 45 मामलों में से चार मामलों में संबंधित आरोपियों को बरी या डिस्चार्ज किया जा चुका था।
हाईकोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने किया बदलाव
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार की याचिका स्वीकार कर ली। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव करते हुए राज्य सरकार को संबंधित मामलों को वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी। इस फैसले के बाद COVID-19 महामारी के दौरान दर्ज किए गए ऐसे मामलों में फंसे कई मौजूदा और पूर्व विधायकों को राहत मिलने की संभावना है।
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दिसंबर 2022 के निर्देश के बाद शुरू हुई थी प्रक्रिया
इन मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश के गृह विभाग की ओर से दिसंबर 2022 में जारी निर्देशों के बाद शुरू हुई थी। इसी आधार पर राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन दाखिल किया था।
सरकार ने आवेदन में मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज 65 मामलों को वापस लेने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने सभी मामलों को एक साथ वापस लेने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
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महामारी के दौर की परिस्थितियों को भी माना अहम
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान COVID-19 महामारी के समय की परिस्थितियों को भी महत्वपूर्ण माना। अदालत ने टिप्पणी की कि वह दौर सामान्य परिस्थितियों से अलग था और उस समय आम नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जिन मामलों में गंभीर या जघन्य अपराध के आरोप नहीं हैं, उनकी प्रकृति को देखते हुए मुकदमे वापस लेने की राज्य की मांग पर शीर्ष अदालत ने सहमति जताई।
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हिमाचल के कई माननीयों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल प्रदेश के कई मौजूदा और पूर्व विधायकों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अदालत की अनुमति के बाद अब राज्य सरकार संबंधित मामलों को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी।
