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September 9, 2026
मणिमहेश यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की थमी सांसें, लंगर सेवा करते पड़ा दिल का दौरा
पहले से थी दिल की बीमारी, स्टेंट भी पड़ा था
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां पर पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। एक श्रद्धालु ने हार्ट अटैक के बाद दम तोड़ दिया, जबकि गौरीकुंड में लंगर सेवा कर रहे व्यक्ति की भी अचानक मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य जांच करवाकर ही यात्रा करने की अपील की है।
मंगलवार को जान गंवाने वाले श्रद्धालु हरियाणा के अंबाला जिले के फतेहगढ़ के रहने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति थे। यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दिलाई, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
मृतक के साथ आए लोगों ने बताया कि उन्हें पहले भी दिल से जुड़ी परेशानी रही थी और उनके दिल में स्टेंट डाला गया था। भरमौर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
बुधवार को गौरीकुंड में लंगर में सेवा कर रहे 51 वर्षीय सुच्चा सिंह की भी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सुच्चा सिंह पठानकोट, पंजाब के रहने वाले थे। उनकी मौत किस वजह से हुई, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुच्चा सिंह के शव को गौरीकुंड से नीचे लाया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत के सही कारण का पता चल सकेगा।
दो लोगों की मौत के बाद एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से खास सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी श्रद्धालु अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं। खासकर दिल, ब्लड प्रेशर, सांस या किसी गंभीर बीमारी से परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही यात्रा पर निकलना चाहिए।
एडीएम ने कहा कि मणिमहेश यात्रा का पैदल रास्ता काफी कठिन और ऊंचाई वाला है। इसलिए श्रद्धालुओं को अपनी सेहत और शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही यात्रा करनी चाहिए। रास्ते में समय-समय पर आराम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि अगर यात्रा के दौरान सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, चक्कर या बहुत ज्यादा थकान महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप में जाकर डॉक्टर से जांच करवाएं। एडीएम ने श्रद्धालुओं से अपनी सुरक्षा को सबसे पहले रखने और डॉक्टरों की सलाह मानने की अपील की है।