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September 8, 2026
हिमाचल: देव आदेश ना मानना पड़ा भारी! प्रतिबंध के बाद डायनासौर झील स्नान करने पहुंचे युवक की मौ*त
देव समाज ने डायनासौर झील में 20 भादो के स्नान पर लगाई थी रोक
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कुल्लू। देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश में देव आदेश को सर्वमान्य माना जाता है और धार्मिक मान्यताओं की अनदेखी कई बार भारी पड़ सकती है। कुल्लू जिला की लगघाटी में प्रसिद्ध डायनासौर झील से सामने आया दर्दनाक मामला इसी वजह से चर्चा में है। इस बार देव समाज ने 20 भादो के अवसर पर डायनासौर झील में स्नान पर प्रतिबंध लगाया था और श्रद्धालुओं से झील की ओर न जाने की अपील की गई थी। इसके बावजूद कुछ युवक झील तक पहुंच गए।
झील के समीप पहुंचने के कुछ ही समय बाद एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 23 वर्षीय तापे राम निवासी त्रिसड़ी, जिला कुल्लू के रूप में हुई है। युवक की मौत की खबर से लगघाटी सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, घटना के बाद एक बार फिर ऊंचाई वाले दुर्गम धार्मिक स्थलों पर मौसम, ऑक्सीजन की कमी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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डायनासौर झील कुल्लू की लगघाटी में करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां 20 भादो के अवसर पर स्नान करने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार देव समाज की ओर से इस धार्मिक स्नान पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। लगघाटी की आराध्य माता फुंगणी के कारदार रामलाल ठाकुर के अनुसार, देवी-देवताओं ने गुर के माध्यम से 20 भादो को डायनासौर झील में स्नान नहीं करने का आदेश दिया था। श्रद्धालुओं से देव आज्ञा का पालन करने के साथ-साथ झील के आसपास भी नहीं जाने की अपील की गई थी।
जानकारी के मुताबिक प्रतिबंध के बावजूद तापे राम अपने कुछ दोस्तों के साथ शनिवार को डायनासौर झील पहुंचा था। युवक और उसके साथी हिमरी टॉप तथा सुलधार होते हुए झील की तरफ गए थे। बताया गया कि झील के समीप पहुंचते ही तापे राम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसके दोस्तों ने पुलिस को बताया कि युवक को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। देखते ही देखते उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई और कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार को मृतक के परिजन, ग्रामीण, पुलिस टीम और रेस्क्यू दल के सदस्य डायनासौर पहुंचे। दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने के कारण शव को नीचे लाने में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। रेस्क्यू के बाद तापे राम के शव को रविवार देर रात क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया। सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर युवक की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी माना जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी अभिषेक एस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है।
फुंगणी माता के कारदार रामलाल ठाकुर के अनुसार, डायनासौर झील पहुंचने वाले कुछ लोग रात के समय टेंट लगाकर रुकते हैं। इस दौरान शराब, बीड़ी-सिगरेट और अन्य निषेध वस्तुओं के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। लगातार बढ़ रही गंदगी को लेकर देवी-देवताओं ने नाराजगी जताई। इसी कारण इस बार 20 भादो के दिन झील में स्नान नहीं करने का आदेश दिया गया था। देव समाज ने लगघाटी के अलावा मंडी, कांगड़ा, बड़ा भंगाल, छोटा भंगाल और चौहार घाटी के लोगों से भी 20 भादो के अवसर पर डायनासौर झील नहीं पहुंचने की अपील की थी।