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September 8, 2026
हिमाचल में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन- IGMC में 6 माह की बच्ची पॉजिटिव, अस्पतालों में अलर्ट
बच्ची का उपचार IGMC में ही किया जा रहा है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में वायरल संक्रमण को लेकर एक बार फिर सतर्क होने की जरूरत है। IGMC शिमला में इलाज के लिए पहुंची महज छह माह की बच्ची की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्ची कुल्लू जिले की रहने वाली है और फिलहाल अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार बच्ची को तेज बुखार होने के बाद परिजन उपचार के लिए IGMC शिमला लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकों ने बच्ची में दिखाई दे रहे लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद बच्ची का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट आने पर उसमें स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बच्ची का उपचार IGMC में ही किया जा रहा है। चिकित्सक उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। छोटी उम्र होने के कारण बच्ची के मामले में विशेष निगरानी बरती जा रही है।
IGMC में मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों से संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और वायरल संक्रमण के लक्षण वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों को भी संदिग्ध मामलों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में वायरल संक्रमण जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने को कहा है। आवश्यकता पड़ने पर रैंडम सैंपलिंग भी की जाएगी, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों का समय रहते पता लगाया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने IGMC में छह माह की बच्ची के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है।
स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इन्फ्लुएंजा में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें:
छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि फ्लू जैसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। लक्षण गंभीर हों या मरीज छोटे बच्चे, बुजुर्ग अथवा किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।