#हादसा
September 10, 2026
हिमाचल में बिन बारिश भूस्खलन : चलती बस पर दरकी पहाड़ी, अंदर घुसी बड़ी-बड़ी चट्टानें
बस के शीशे तोड़ अंदर घुसा मलबा, सहमे लोग
शेयर करें:

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। इसी बीच हमीरपुर जिले के सुजानपुर क्षेत्र में वीरवार सुबह एक बड़ा हादसा पेश आया है।
सुजानपुर-ब्यास नदी पुल के समीप पालमपुर की ओर जा रही एक निजी बस के ऊपर अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर आ गिरे। मलबे की चपेट में आने से बस के शीशे टूट गए और वाहन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में बस चालक को चोटें आई हैं, जबकि परिचालक सुरक्षित बताया जा रहा है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में चालक और परिचालक के अलावा कोई यात्री मौजूद नहीं था। यदि बस यात्रियों से भरी होती तो हादसा काफी गंभीर हो सकता था।
जानकारी के अनुसार निजी बस वीरवार सुबह सुजानपुर से पालमपुर की तरफ जा रही थी। करीब सुबह 7:30 बजे जब बस सुजानपुर-ब्यास पुल के पास पहुंची, तभी अचानक पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर खिसक गया।
बस चालक को संभलने का मौका मिलता, इससे पहले ही भारी मलबा बस के ऊपर आ गिरा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बस में मौजूद चालक और परिचालक घबरा गए। मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से बस के शीशे टूट गए तथा वाहन को नुकसान पहुंचा। हादसे में चालक को चोटें आईं। परिचालक को किसी तरह की चोट नहीं लगी। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की।
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि बस में उस समय कोई यात्री सवार नहीं था। आमतौर पर सुबह के समय सुजानपुर से पालमपुर जाने वाली बस में यात्रियों की आवाजाही रहती है, लेकिन हादसे के वक्त केवल चालक और परिचालक ही बस में थे।
अगर उस समय बस यात्रियों से भरी होती तो पहाड़ी से अचानक गिरा भारी मलबा बड़ी जनहानि का कारण बन सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई कि सड़क के ऊपर स्थित पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
बस पर मलबा गिरने की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मलबा आने के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। वाहनों की आवाजाही भी रुक गई और लोग सड़क पर जमा हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। हादसे के कारण मार्ग पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की जानकारी जुटाई गई। हादसे में बस को हुए नुकसान और चालक के घायल होने की स्थिति को लेकर भी पुलिस ने जानकारी ली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुजानपुर-ब्यास पुल के आसपास पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। बारिश के दौरान कई बार पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आ जाने के कारण यातायात बाधित होने की स्थिति बन चुकी है।
लोगों के मुताबिक पूर्व में भी सड़क से गुजर रहे वाहनों पर पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें लोगों को चोटें पहुंची थीं। ऐसे में वीरवार सुबह बिना बारिश के अचानक पहाड़ी से भारी ल्हासा गिरने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
आमतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इस घटना में बारिश नहीं होने के बावजूद पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसककर सड़क पर आ गया। इससे इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ी के कमजोर हिस्से की समय रहते पहचान नहीं की गई तो भविष्य में इससे बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर सड़क के ऊपर खड़ी ढलान से भारी पत्थर या मलबा गिरने की स्थिति में वाहन चालकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस संवेदनशील स्थान का निरीक्षण करवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहाड़ी की तकनीकी जांच करवाकर यह पता लगाया जाना चाहिए कि वहां भूस्खलन का खतरा कितना है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। ऐसे में यहां सुरक्षा को लेकर लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकती है।
सुजानपुर पुलिस थाना प्रभारी प्रकाश ठाकुर ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हादसा वीरवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ। सुजानपुर से पालमपुर की ओर जा रही निजी बस पर पहाड़ी से मलबा गिरा था। उन्होंने बताया कि घटना के समय बस में चालक और परिचालक मौजूद थे। हादसे में चालक को चोटें आई हैं, जबकि परिचालक सुरक्षित है। पुलिस की ओर से मामले की जानकारी जुटाई गई है।