शिमला। हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और चौथे वर्ष की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन जिन कर्मचारियों के भरोसे सरकार सत्ता तक पहुंची, उनकी सबसे बड़ी वित्तीय मांगें आज भी अधूरी हैं। महंगाई भत्ता और वर्षों से लंबित एरियर को लेकर कर्मचारी वर्ग में अब संयम टूटने लगा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि तीन साल तक खामोशी और सहयोग निभाने के बाद अब सरकार को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए। कर्मचारी वर्ग को उम्मीद है कि 25 जनवरी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर्मचारियों के हित में कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
तीन साल बीते, कर्मचारी अब भी इंतजार में
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की लंबित वित्तीय देनदारियों को शीघ्र जारी करने की मांग को एक बार फिर जोरशोर से उठाया है। महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष एलडी चौहान ने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे हो चुके हैं और अब चौथा साल शुरू हो गया है, लेकिन कर्मचारियों का डीए और एरियर आज भी फाइलों में ही अटका हुआ है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पंचायत चुनाव: निर्वाचन आयोग ने बुलाई बैठक, अब CM सुक्खू की पुनर्गठन प्रक्रिया का क्या होगा
सरकार ने दिए थे आश्वासन
एलडी चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2024 और 2025 में कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठकों में यह भरोसा दिलाया था कि कर्मचारियों की वित्तीय देनदारियों विशेष रूप से महंगाई भत्ता और लंबित वेतन एरियर का शीघ्र भुगतान किया जाएगा। बावजूद इसके, अब तक इन घोषणाओं का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है।
दो चरणों में निपटाए जाएं लंबित लाभ
महासंघ का सुझाव है कि सरकार 25 जनवरी को संभावित घोषणा के तहत और आगामी बजट सत्र में दो चरणों में कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी करे। इससे कर्मचारियों के बीच बढ़ती निराशा और असंतोष पर समय रहते लगाम लगाई जा सकती है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार यदि अब भी निर्णय लेने में देरी करती है, तो इसका असर कार्य संस्कृति और मनोबल पर पड़ेगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : होटल में लग रही थी लड़कियों के जिस्म की बोली, चार रेस्क्यू- 2 दलाल अरेस्ट
चौथे साल में ठोस फैसलों की उम्मीद
एलडी चौहान ने कहा कि कर्मचारी संगठनों ने बीते तीन वर्षों में सरकार का हर स्तर पर सहयोग किया और संयम बनाए रखा। अब जबकि सरकार अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, तो कर्मचारियों को भी ठोस निर्णयों की उम्मीद है। महासंघ ने 13 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता, जुलाई 2022 से लंबित डीए और एरियर तथा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बकाया एरियर को शीघ्र जारी करने की मांग दोहराई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : बुजुर्ग को नशेड़ी समझ बस स्टैंड पर पड़े रहने दिया, SP ने लिया एक्शन- थाना मुंशी सस्पेंड
कर्मचारी सरकार की रीढ़
महासंघ के नेताओं का कहना है कि कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ होते हैं और जब तक उन्हें समय पर उनके वैध वित्तीय अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक यह रीढ़ मजबूत नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि संतुष्ट कर्मचारी ही बेहतर प्रशासन की नींव रखते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़े दो दोस्त : बैग से बरामद हुई 2KG चरस, साथ ही मिली पैसों की गड्डियां
संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाने की मांग
कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के साथ संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक जल्द से जल्द आयोजित की जाए। ताकि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर एक मंच पर चर्चा हो सके और उनका समयबद्ध समाधान निकाला जा सके।
25 जनवरी पर टिकी निगाहें
फिलहाल कर्मचारी वर्ग की नजरें 25 जनवरी पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपने कार्यकाल के चौथे वर्ष की शुरुआत में कर्मचारियों को राहत देते हुए डीए और एरियर को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। यदि ऐसा होता हैए तो यह न केवल कर्मचारियों का भरोसा मजबूत करेगा बल्कि सरकार और कर्मचारी वर्ग के रिश्तों में भी नई ऊर्जा भरेगा।
