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May 22, 2026
आचार संहिता में सुक्खू कैबिनेट ने दी महिलाओं को 1500 रुपए देने की मंजूरी, 3 साल बढ़ाई रिटायरमेंट उम्र
हिमाचल में अब 24 घंटें खुली रहेंगी दुकानें, तीन हिमशहर बसाने को भी मंजूरी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पंचायत चुनावों के लिए लागू आचार संहिता के बीच कई बड़े और अहम फैसले लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं] कर्मचारियों, शिक्षकों, व्यापारियों और बेरोजगार युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की रही] जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने अपनी बजट घोषणा को मंजूरी देते हुए दो लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले पात्र परिवारों की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने के फैसले पर मुहर लगा दी है। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
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व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने प्रदेशभर में दुकानों को चौबीस घंटे संचालित करने की अनुमति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से व्यापार को गति मिलेगी, लोगों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह निर्णय खासकर शहरी क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक बड़े फैसले में सरकारी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। सरकार का तर्क है कि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ विद्यार्थियों को अधिक समय तक मिल सकेगा और उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुभव की निरंतरता बनी रहेगी।
मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के शहरी विकास से जुड़े एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने चंडीगढ़ के निकट ‘हिम चंडीगढ़’ नाम से एक नए शहर को विकसित करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना को लेकर बैठक में विस्तृत चर्चा की गई और इसके विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सरकार का मानना है कि नया शहर विकसित होने से प्रदेश में नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे तथा आवास, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। यह परियोजना भविष्य में हिमाचल के सबसे बड़े शहरी विकास कार्यक्रमों में से एक मानी जा रही है।
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बता दें कि आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए इन निर्णयों के अमल में आने को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। प्रदेश में पंचायत चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होने के कारण माना जा रहा है कि सरकार इन प्रस्तावों को चुनाव आयोग की अनुमति के लिए भेज सकती है। आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद ही इन्हें लागू किया जा सकेगा।
वहीं दूसरी ओर यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुक्खू सरकार आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार करे और उसके बाद इन घोषणाओं को धरातल पर उतारे। ऐसे में हजारों कर्मचारियों, महिलाओं और नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कैबिनेट की इन घोषणाओं को वास्तविक रूप से लागू करने की प्रक्रिया कब शुरू होती है।
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कैबिनेट बैठक में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि को मंजूरी दी गई है।
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सरकार ने रॉयल्टी में कटौती संबंधी बजट घोषणा को भी मंजूरी दी है। इसके तहत रॉयल्टी की दर सात प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे खनन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
कैबिनेट ने प्रदेश के 300 सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक ढांचे से जोड़ना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई यह मंत्रिमंडल बैठक कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत, महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का पैकेज लेकर आई है। मानदेय बढ़ोतरी से जहां हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, वहीं विभिन्न विभागों में प्रस्तावित भर्तियों से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।