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May 22, 2026
हिमाचल कैबिनेट: सुक्खू सरकार ने बढ़ाया इन कर्मचारियों का मानदेय, 2215 पद भरने की मंजूरी
महिलाओं को 1500-1500 देने पर भी लिया बड़ा फैसला, अब 24 घंटें खुली रहेंगी दुकानें,
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के चलते लागू आचार संहिता के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। आज की कैबिनेट बैठक में सीएम सुक्खू ने कई वर्गों के लिए राहत और उम्मीद की नई किरण दिखाई। कैबिनेट बैठक के बाद आचार संहिता के कारण औपचारिक प्रेस वार्ता तो नहीं हुई] लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में कर्मचारियों] श्रमिकों] बेरोजगार युवाओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।
विशेष रूप से मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह बैठक बड़ी सौगात साबित हुई है। वहीं दूसरी ओर विभिन्न विभागों में सैकड़ों नए पद भरने का निर्णय लेकर सरकार ने बेरोजगार युवाओं को भी राहत देने का प्रयास किया है।
बता दें कि आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए इन निर्णयों के अमल में आने को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। प्रदेश में पंचायत चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होने के कारण माना जा रहा है कि सरकार इन प्रस्तावों को चुनाव आयोग की अनुमति के लिए भेज सकती है। आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद ही इन्हें लागू किया जा सकेगा।
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वहीं दूसरी ओर यह भी संभावना जताई जा रही है कि सुक्खू सरकार आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार करे और उसके बाद इन घोषणाओं को धरातल पर उतारे। ऐसे में हजारों कर्मचारियों, महिलाओं और नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कैबिनेट की इन घोषणाओं को वास्तविक रूप से लागू करने की प्रक्रिया कब शुरू होती है।
कैबिनेट बैठक में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि को मंजूरी दी गई है।
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उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में सरकारी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ विद्यार्थियों को अधिक समय तक मिल सकेगा।
कैबिनेट ने प्रदेशभर में दुकानों को चौबीस घंटे संचालित करने की अनुमति देने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है। इस फैसले से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
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सरकार ने रॉयल्टी में कटौती संबंधी बजट घोषणा को भी मंजूरी दी है। इसके तहत रॉयल्टी की दर सात प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे खनन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
कैबिनेट ने प्रदेश के 300 सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक ढांचे से जोड़ना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई यह मंत्रिमंडल बैठक कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत, महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का पैकेज लेकर आई है। मानदेय बढ़ोतरी से जहां हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, वहीं विभिन्न विभागों में प्रस्तावित भर्तियों से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।