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May 22, 2026

ब्रेकिंग: हिमाचल बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी बड़ा खुलासा, फॉरेंसिक जांच ने खोले राज; पैकिंग लिफाफे भी बदले

पीड़ित छात्रों के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़, बोर्ड ने लिया बड़ा फैसला मिलेंगे पूरे अंक

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HP Board News

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंकाओं पर अब फॉरेंसिक जांच ने मुहर लगा दी है। जांच रिपोर्ट में न केवल उत्तरपुस्तिकाओं के कुछ हिस्सों में हस्तक्षेप की पुष्टि हुई है, बल्कि उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने वाले पैकिंग लिफाफों की अदला-बदली होने के संकेत भी सामने आए हैं। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए प्रभावित विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष निर्णय लिया है, ताकि इस पूरे घटनाक्रम का असर उनके शैक्षणिक भविष्य पर न पड़े।

छात्रों की शिकायत से खुला पूरा मामला

मामला बिलासपुर जिले के एक परीक्षा केंद्र से जुड़ा है, जहां मार्च 2025 में आयोजित दसवीं बोर्ड परीक्षा के बाद कुछ विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं में गड़बड़ी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। विद्यार्थियों का आरोप था कि बहुविकल्पीय प्रश्नों से संबंधित उत्तरों में परीक्षा के बाद बदलाव किया गया है। शिकायत मिलने के बाद बोर्ड ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित उत्तरपुस्तिकाओं को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया।

 

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फॉरेंसिक रिपोर्ट में छेड़छाड़ की पुष्टि

जांच के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने उत्तरपुस्तिकाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कुछ उत्तरपुस्तिकाओं में दर्ज उत्तरों के साथ हस्तक्षेप किया गया था। इस रिपोर्ट ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों को मजबूती प्रदान की और मामले को और गंभीर बना दिया। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की गई, जिसमें फॉरेंसिक विश्लेषण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

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लिफाफों की अदला-बदली का भी खुलासा

मामले की जांच यहीं नहीं रुकी। बोर्ड द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने जब उत्तरपुस्तिकाओं की पैकिंग और रिकॉर्ड का मिलान किया तो एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जांच में पाया गया कि उत्तरपुस्तिकाओं को रखने के लिए इस्तेमाल किए गए सुरक्षित लिफाफों के क्रमांक रिकॉर्ड में दर्ज क्रमांकों से मेल नहीं खाते थे। इससे यह आशंका मजबूत हो गई कि उत्तरपुस्तिकाओं के पैकेटों की किसी स्तर पर अदला-बदली की गई थी। जांच रिपोर्ट में इस पहलू को भी गंभीर अनियमितता माना गया है।

 

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विद्यार्थियों के भविष्य को बचाने के लिए बोर्ड का बड़ा निर्णय

पूरे मामले में विद्यार्थियों की किसी प्रकार की भूमिका सामने न आने के कारण बोर्ड ने उनके हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी के तहत निर्णय लिया गया है कि जिन प्रश्नों या अंकों पर छेड़छाड़ का प्रभाव पड़ा है, वहां प्रभावित विद्यार्थियों को नियमानुसार पूरा लाभ दिया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि प्रशासनिक या परीक्षा संबंधी किसी भी गड़बड़ी का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए। इसलिए उनके परिणाम और आगे की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष राहत प्रदान की जाएगी।

 

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दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मामले की जांच से जुड़े दस्तावेज और रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिए गए हैं। बोर्ड प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच में जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

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परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

फॉरेंसिक रिपोर्ट में उत्तरपुस्तिकाओं से छेड़छाड़ और लिफाफों की अदला-बदली की पुष्टि होने के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस मामले ने बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने की आवश्यकता को उजागर किया है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि प्रभावित विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड ने विशेष निर्णय ले लिया है, जबकि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अब अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है।

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