मंडी। नेपाल की त्रासदी में मंडी के ज्ञान सिंह ने मौत को करीब से देखा और फिर सुरक्षित घर लौट आए। सुंदरनगर के मलोह गांव के रहने वाले ज्ञान सिंह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। हादसे के दौरान अचानक आए पानी के सैलाब ने हालात ऐसे बिगाड़ दिए कि एक वक्त उन्हें बचने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। करीब दो दिन तक मौत के साये में रहने के बाद आखिरकार नेपाली आर्मी ने हेलिकॉप्टर से उनका रेस्क्यू किया।
अचानक आया पानी का सैलाब, पहाड़ी की तरफ भागे
ज्ञान सिंह ने बताया कि हादसे वाले दिन वह पावर हाउस में ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी का तेज सैलाब आ गया। जान बचाने के लिए वह और उनके साथी पहाड़ी की तरफ भागे। उस समय नेपाली वायुसेना से रेस्क्यू की उम्मीद के अलावा उन्हें बचने का कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
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दो दिन तक मौत के साये में रहे
ज्ञान सिंह के मुताबिक, उन्होंने करीब एक रात और दो दिनों तक मौत को बिल्कुल सामने से देखा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि अब बचने का कोई रास्ता नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। बाद में नेपाल आर्मी ने हेलिकॉप्टर की मदद से उन्हें और अन्य लोगों को रेस्क्यू किया, जिसके बाद उनकी जान बच सकी।
100 लोगों के दल में से एक अभी भी लापता
ज्ञान सिंह ने बताया कि जिस जगह वह फंसे हुए थे, वहां करीब 100 लोगों का दल मौजूद था। इनमें से एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, उनके पूरे प्रोजेक्ट में काम करने वाले 98 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
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हिमाचल के चार लोगों में तीन सुरक्षित
ज्ञान सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट में उनके साथ हिमाचल प्रदेश के चार अन्य लोग भी काम करते थे। इनमें से तीन लोग सुरक्षित वापस लौट आए हैं, जबकि ऊना जिले का एक युवक अभी भी लापता है। अन्य दो हिमाचलियों में एक मंडी जिले के तल्याहड़ का रहने वाला है, जो दिल्ली में रहता है, जबकि दूसरा शिमला जिले के रामपुर का रहने वाला है।
पति के घर लौटने पर परिवार ने ली राहत की सांस
ज्ञान सिंह के सुरक्षित घर पहुंचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। उनकी पत्नी कलावती ने बताया कि हादसे के बाद काफी समय तक पति से कोई संपर्क नहीं हो पाया था। इस दौरान उनके मन में तरह-तरह के डरावने ख्याल आ रहे थे। लेकिन दूसरे दिन जब ज्ञान सिंह का फोन आया तो उनकी चिंता दूर हुई।
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देवी-देवताओं के आशीर्वाद से सुरक्षित लौटे
कलावती ने कहा कि वह हादसे के बाद इतनी घबरा गई थीं कि प्रशासन और सरकार को भी इसकी जानकारी नहीं दे पाईं। उन्होंने कहा कि आज देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही उनके पति सुरक्षित घर वापस लौट पाए हैं।
