शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को आगाज ही हंगामे और तीखी सियासी बहस के साथ हुआ। प्रश्नकाल शुरू होते ही संस्थानों के बंद, विलय और डिनोटिफाई किए जाने का मुद्दा सदन के केंद्र में आ गया। भाजपा विधायकों ने सरकार से पिछले कुछ वर्षों में बंद किए गए संस्थानों का पूरा हिसाब मांगा तो सत्ता पक्ष की ओर से भी पिछली भाजपा सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए गए। देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कई बार आमने-सामने आ गए।
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करीब आधे घंटे तक सदन में इस मुद्दे पर गहमागहमी बनी रही। विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक द्वेष के चलते संस्थान बंद करने के आरोप लगाए, जबकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार संस्थानों को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संचालित करने की नीति पर आगे बढ़ रही है।
प्रश्नकाल शुरू होते ही गरमाया सदन
मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई, लेकिन संस्थानों से जुड़ा सवाल आते ही सदन का माहौल बदल गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, नयना देवी के विधायक रणधीर शर्मा और बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने सरकार से पूछा कि 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में कितने संस्थानों को बंद, मर्ज या डिनोटिफाई किया गया है। भाजपा विधायकों ने सरकार से विभागवार और विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़े उपलब्ध करवाने की मांग की। साथ ही यह भी पूछा गया कि इनमें से कितने संस्थानों को बाद में दोबारा शुरू किया गया और उन्हें पुनः खोलने की जरूरत क्यों पड़ी।
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विपक्ष ने उन संस्थानों का मुद्दा भी उठाया, जिनके भवनों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। सरकार से पूछा गया कि ऐसे संस्थानों के भवनों को पूरा करने और उन्हें प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर संस्थानों को बंद करने में बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने बंद किया, क्या उन्हें राजनीतिक कारणों से बंद किया गया था और क्या अब उन्हें दोबारा खोला जा रहा है। जयराम ठाकुर ने यह भी संकेत दिया कि भाजपा सत्ता में लौटने के बाद कांग्रेस सरकार के पिछले पांच वर्षों के फैसलों की समीक्षा करेगी। उनके सवालों के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसके चलते सदन में कई बार माहौल गर्म हुआ।
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सुक्खू बोले- जरूरत होगी तो संस्थान जरूर खुलेंगे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार जनता और विधायकों की भावनाओं का सम्मान करती है। जिन क्षेत्रों में किसी संस्थान की वास्तविक आवश्यकता होगी, वहां सरकार उसे खोलने और आवश्यक स्टाफ उपलब्ध करवाने पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान खोलना केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए।
इसके लिए पर्याप्त स्टाफ, भवन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में संस्थान खोलने की घोषणाएं की गईं, लेकिन कई जगहों पर पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की गई।
'संस्थान खोलना आसान, चलाना बड़ी जिम्मेदारी'
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि सरकार का मकसद केवल कागजों में संस्थान खोलना नहीं है। किसी भी संस्थान को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए कर्मचारियों और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत आधारित संस्थानों को प्राथमिकता दे रही है। जहां वास्तव में आवश्यकता होगी, वहां संस्थान खोलने के साथ-साथ स्टाफ की व्यवस्था भी की जाएगी।
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पेपर लीक मामले का भी आया जिक्र
बहस के दौरान अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं के बाद चयन बोर्ड को बंद करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने इसे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ लिया गया फैसला नहीं बल्कि नीतिगत निर्णय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थानों को बंद या मर्ज करने के फैसले परिस्थितियों और नीतिगत जरूरतों के आधार पर लिए जाते हैं। सरकार किसी संस्थान को केवल राजनीतिक कारणों से बंद करने की नीति पर काम नहीं कर रही है।
जनगणना का भी सदन में आया मुद्दा
संस्थानों को लेकर भविष्य की घोषणाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक संस्थानों को अधिसूचित किया जाएगा। इस दौरान जयराम ठाकुर की ओर से भी जनगणना तक संस्थानों से जुड़ी घोषणाओं को लेकर सवाल उठाए गए। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए सदन का माहौल खासा गरम नजर आया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य भी अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखते दिखाई दिए।
