शिमला। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच विदेशों में काम कर रहे हिमाचल के हजारों परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। खासकर जब रात के समय हमलों की खबरें सामने आईं, तो प्रदेश के अलग-अलग जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, मंडी और शिमला में बैठे परिजन लगातार फोन और इंटरनेट के जरिए अपने अपनों का हालचाल लेते रहे।
खाड़ी देशों में तनाव
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचलियों की सुरक्षा, वहां की जमीनी स्थिति और किसी भी आपात परिस्थिति में सुरक्षित वापसी की संभावनाओं पर नजर रखी जा रही है।
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35 हजार हिमाचली फंसे
प्रवासी संगठनों और सामुदायिक समूहों से मिली जानकारी के अनुसार, अनुमानित 25 से 35 हजार हिमाचली विभिन्न खाड़ी देशों में रोजगार के लिए गए हुए हैं। इनमें तकनीकी कार्य, निर्माण क्षेत्र, होटल-पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं और निजी कंपनियों में काम करने वाले लोग शामिल हैं।
सबसे अधिक हिमाचली यूएई में हैं। वहां लगभग 10 से 12 हजार लोग कार्यरत बताए जा रहे हैं। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में हिमाचली समुदाय काफी सक्रिय है और संगठित रूप से एक-दूसरे के संपर्क में रहता है।
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इसके अलावा साऊदी अरबी में 6 से आठ हजार, कुवैत में तीन से चार हजार, कतर में दो से तीन हजार, ऊमान में करीब दो हजार और बहरीन में लगभग एक हजार हिमाचली कार्यरत होने का अनुमान है।
अधिकांश देशों में स्थिति फिलहाल सामान्य
सूत्रों के अनुसार, अधिकतर खाड़ी देशों में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है और वहां कार्यरत हिमाचली सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि क्षेत्रीय तनाव के कारण सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन लोगों में एहतियात जरूर बढ़ा है।
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इंटरनेट समूहों के जरिए संपर्क
खाड़ी देशों में बसे हिमाचली विभिन्न सोशल मीडिया समूहों, व्हाट्सऐप कम्युनिटी और प्रवासी संगठनों के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। किसी भी नई सूचना या सुरक्षा सलाह को तुरंत साझा किया जा रहा है। कई जगह भारतीय दूतावासों की ओर से भी परामर्श जारी किए गए हैं, जिनका पालन करने की अपील की जा रही है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव से बढ़ी चिंता
क्षेत्र में ईऱान के साथ जारी संघर्ष ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हालिया हमलों की खबरों के बाद हिमाचल में रह रहे परिवारों की बेचैनी साफ देखी जा रही है। कई परिवार रातभर जागकर टीवी चैनलों और ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए हालात की जानकारी लेते रहे।
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खबरें देख कर सहमे परिजन
उन्होंने कहा कि कांगड़ा के एक युवक के पिता ने बताया कि उनका बेटा कतर में काम करता है। “हम हर दो-तीन घंटे में फोन कर रहे हैं। वह कह रहा है कि वहां सब सामान्य है, लेकिन खबरें देखकर मन घबराता है।
सुक्खू सरकार की नजर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि परिस्थिति बिगड़ती है तो केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्रदेश के गांवों और कस्बों में लोग अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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परिवारों कर रहे सलामती की प्रार्थना
भले ही आधिकारिक रूप से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही हो, लेकिन अनिश्चितता का माहौल परिवारों को अंदर ही अंदर परेशान कर रहा है। ऐसे समय में सबसे बड़ी राहत यही है कि अब तक किसी भी हिमाचली के हताहत होने की सूचना नहीं है और अधिकांश प्रवासी सुरक्षित हैं। फिर भी, जब तक क्षेत्र में पूरी तरह शांति बहाल नहीं होती, हिमाचल के हजारों घरों में चिंता की यह लहर बनी रहने की संभावना है।
