शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तस्करों ने पुलिस जैसे कपड़ों का सहारा लेकर चरस की सप्लाई करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनकी चाल नाकाम कर दी।
पुलिस जैसे कपड़े पहन निकले तस्कर
आपको बता दें कि बीते कल शाम को बालूगंज थाना क्षेत्र के टुटू इलाके में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि कुल्लू जिले के दो युवक एक गाड़ी में चरस लेकर शिमला पहुंचे हैं और यहां इसकी डिलीवरी करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।
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कैरी बैग से मिली चरस
जांच के दौरान जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें एक कैरी बैग बरामद हुआ। बैग के अंदर अलग-अलग छोटे पैकेटों में कुल 1 किलो 55 ग्राम चरस छिपाकर रखी गई थी। खास बात यह रही कि दोनों आरोपी पुलिस जैसी वर्दी पहनकर घूम रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही जिस वाहन में चरस लाई जा रही थी, उसे भी पुलिस ने सीज कर दिया है। पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कुल्लू जिले के मशाडा के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-
- कमलेश कुमार (35)
- इन्द्रजीत (28)
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इस संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ बालूगंज थाने में NDPS एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
जांच में क्या आया सामने?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से तस्करी में शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि चरस कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इस कार्रवाई को शिमला पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे नशा तस्करों के नेटवर्क पर एक और बड़ा वार हुआ है।
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