शिमला। हिमाचल में नशा लगातार अपने पांव पसारता नजर आ रहा है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस अब नशा तस्करों के खिलाफ सिर्फ केस दर्ज नहीं कर रही, बल्कि उनकी कमाई की जड़ों पर भी जोरदार वार किया जा रहा है। इस मुहिम की शुरुआत में शिमला जिला के 122 ऐसे आदत अपराधियों से हो रही है, जिन्होंने नशे की कमाई से जमीन पर अवैध कब्डे किए और संपत्तियां खड़ी की है। अब इन संपत्तियों को प्रशासन द्वारा तहस-नहस किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की तैयारी
शिमला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत पकड़े गए 122 अपराधियों की लिस्ट तैयार कर ली है। अब इन अपराधियों की अवैध संपत्तियों को प्रशासन के सहयोग से चिन्हित किया जा रहा है। जैसे ही प्रशासन की ओर से अनुमति मिलेगी, पुलिस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर देगी।
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इस अभियान के तहत पुलिस सिर्फ केसों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तस्करी से कमाई गई संपत्ति का नेटवर्क भी ध्वस्त करना चाहती है। यह वही संपत्तियां हैं, जो अक्सर कानून से बच निकलने के लिए माफिया अपने बचाव में इस्तेमाल करते हैं।
10 से ज्यादा गिरोहों का भंडाफोड़
बताते चलें कि पिछले कुछ महीनों में शिमला पुलिस ने 10 से ज्यादा नशा तस्करी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इनमें चर्चित शाह गैंग, शाही महात्मा गैंग, रंजन गैंग, राधे गैंग, और विजय सोनी गैंग जैसे नाम शामिल हैं। ये गिरोह न सिर्फ शहर में, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी युवाओं को नशे के जाल में फंसा रहे थे।
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8 बड़े माफियाओं पर लगेगी पिट NDPS एक्ट की धाराएं
शिमला पुलिस NDPS एक्ट के तहत अब तक एक बड़े माफिया को गिरफ्तार कर चुकी है। एक अन्य पहले से ही न्यायिक हिरासत में है, जबकि एक की गिरफ्तारी अदालत से रद्द हो चुकी थी। अब पुलिस ने सभी तकनीकी आपत्तियों को दूर करते हुए 8 और माफियाओं के नाम सरकार को भेजे हैं। इन पर पिट NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिससे इनकी जमानत की संभावना भी बेहद कम हो जाती है।
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जेल के साथ-साथ जमीन पर भी सजा
यह पहली बार है जब पुलिस की नजर नशा बेचने वालों की संपत्तियों पर टिकी है। अब यह लड़ाई केवल कोर्ट-कचहरी में नहीं, ज़मीन पर भी लड़ी जाएगी। जो भी तस्कर नशे की कमाई से ऐश कर रहे थे, उनकी आलीशान इमारतें अब सरकारी बुलडोजर की नजर में हैं।
