#अपराध

May 23, 2026

हिमाचल में बड़ी लापरवाही: बड़ी संख्या में गायब हो गए प्रधान पद के बैलेट पेपर; ARO पर गिरेगी गाज

कुनिहार के बाद अब बिलासपुर में गायब हुए बैलेट पेपर मचा हड़कंप

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ballet paper missing bilaspur

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में चल रहे पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियों के बीच एक बहुत बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। राज्य में मतपत्रों के गायब होने का सिलसिला लगातार जारी है] जिसने चुनाव व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोलन जिला के कुनिहार विकास खंड में मतपत्र गायब होने की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बिलासपुर जिला में भी भारी संख्या में बैलेट पेपर गायब होने से हड़कंप मच गया है। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी कर ली गई है।

चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा खुलासा

बिलासपुर जिला के सदर विकास खंड कार्यालय लखनपुर में इन दिनों पंचायतीराज चुनावों को लेकर बैलेट पेपर लेखन और अन्य चुनावी प्रक्रियाएं चल रही थीं। इसी दौरान ग्राम पंचायत जंगल सुंगल के प्रधान पद से संबंधित वार्ड-1 के बैलेट पेपरों की जांच की गई तो एक गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच के दौरान पाया गया कि बैलेट पेपर क्रमांक 58001 से 58050 तक कुल 50 बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मतपत्रों का गायब होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।

 

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एआरओ पर गिर सकती है निलंबन की गाज

जैसे ही 50 मतपत्रों के गायब होने का यह बड़ा खुलासा हुआ, बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) सदर बिलासपुर ने बिना कोई वक्त गंवाए इसकी सूचना तुरंत जिला के उच्च अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, लापरवाही के घेरे में आए संबंधित एआरओ (सहायक रिटर्निंग अधिकारी) डॉ. दिनेश कुमार को तुरंत उनके चुनावी दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया गया।

 

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इसके साथ ही प्रशासन की तरफ से आरोपी अधिकारी के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवा दी गई है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले की छानबीन शुरू कर दी है कि आखिर ये मतपत्र चोरी हुए हैं, कहीं गुम हुए हैं या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।

राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी निलंबन की सिफारिश

बिलासपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त (डीसी) राहुल कुमार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिना किसी देरी के पूरे घटनाक्रम की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई और संबंधित एआरओ के निलंबन (सस्पेंशन) की मजबूत अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी है। उपायुक्त की इस त्वरित कार्रवाई से साफ है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि चुनाव जैसी अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या ढील को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मतपत्रों का गायब होना एक गंभीर विषय है। संबंधित अधिकारी के निलंबन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को आधिकारिक सिफारिश भेज दी गई है और पुलिस मामले की तह तक जा रही है।

कुनिहार से लेकर बिलासपुर तक: प्रशासनिक सुरक्षा पर उठते सवाल

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के दौरान पहले सोलन के कुनिहार और अब बिलासपुर में मतपत्रों का गायब होना प्रशासनिक सुरक्षा घेरे पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। मतपत्रों का इस तरह गायब होना न केवल चुनावी पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इससे पूरी चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही मुस्तैदी से इस गुत्थी को सुलझाने में जुटे हैं ताकि लोकतंत्र के इस जमीनी चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके।

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