#हादसा
July 21, 2025
हिमाचल : एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी, इकलौते बेटे की शादी का सपना रह गया अधूरा- बहनें और मां बेसुध
पति और बेटे की लाश देख यशोधा हुई बेसुध
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कांगड़ा। हिमाचल के कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के खैरियां पंचायत का सपडू गांव रविवार को मातम में डूबा रहा। 70 वर्षीय प्यार चंद और उनके 22 वर्षीय बेटे साहिल की एक साथ उठी अर्थी ने हर दिल को झकझोर कर रख दिया। दोनों की एक दिन पहले एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब घर में केवल मां यशोदा बची हैं, जो बेसुध पड़ी हैं।
शनिवार को प्यार चंद अपने बेटे साहिल के साथ मोटरसाइकिल पर किसी जरूरी काम से निकले थे। रास्ते में बेसहारा पशु अचानक सामने आ गया, जिससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई। गिरने से प्यार चंद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल साहिल को टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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पिता प्यार चंद ने मजदूरी कर दिहाड़ी लगाकर अपने साहिल के लिए बाइक खरीदी थी ताकि वह आसानी से काम पर जा सके, लेकिन यह बाइक ही उनके लिए काल बन गई। बेटे के भविष्य के लिए की गई यह मेहनत अब एक शोकगीत में बदल गई है।
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रविवार सुबह जब गांव में दोनों की अर्थी एक साथ निकली तो हर गली, हर घर से रोने की आवाजें आ रही थीं। बहनें बार-बार साहिल से पूछ रही थीं - "भाई, भाभी कब लाओगे?" और मां यशोदा चीख रही थीं -“मेरा घर उजड़ गया... इकलौता चिराग भी बुझ गया।”
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प्यार चंद के सौतेले भाई ने दोनों को मुखाग्नि दी। शोक में डूबे गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। हर कोई यही कह रहा था कि ऐसी मौत न किसी की हो, न कोई देखे। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी गई है।