हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में रैगिंग का ज़हर लगातार गहराता जा रहा है। कभी मज़ाक के नाम पर शुरू हुई यह प्रवृत्ति अब इतने भयावह रूप में बदल चुकी है कि कई छात्र मानसिक यातना, मारपीट और अपमान की वजह से जीवन तक खत्म करने की सोचने लगते हैं। सबसे बड़ी दुखद बात यह है कि अनुशासन का प्रतीक माने जाने वाला प्रदेश का सैनिक स्कूल भी अब इससे अनछुआ नहीं रहा है।
दो साल से प्रताड़ित कर रहे थे सीनियर्स
हमीरपुर जिले के सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में एक बार फिर रैगिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कुछ सीनियर्स छात्रों ने आठवी के एक छात्र को रैगिंग के नाम पर प्रताड़ित किया। सीनियर्स की प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित छात्र ने अपने ही स्कूल के जमा दो के छह छात्रों पर रैगिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र के अनुसार यह सीनियर्स छात्र पिछले दो साल से उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
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मारपीट कर जबरन उतरवा देते हैं कपड़े
पीड़ित छात्र ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को दी शिकायत में बताया कि आरोपित छात्र उसे कमरे से दूर उस जगह ले जाते थे जहां किसी प्रकार का कैमरा न हो। सीनियर्स छात्र वहां पर उसे मुर्गा बनाकर हैंगर पाइप, लातों और थप्पड़ों से मारते थे। आरोपित उसकी कमीज के बटन जबरन खुलवाते और और उसे नंगा करने का प्रयास करते। इतना ही नहीं आरोपित उसे धमकी देते थे कि वह उसे इतना परेशान करेंगे कि वह खुद ही स्कूल छोड़कर भाग जाएगा।
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दो बार आत्महत्या की कोशिश
मानसिक और शारीरिक अत्याचार से टूट चुके छात्र ने शिकायत में यह भी खुलासा किया है कि वह दो बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका है। उसने कहा कि सीनियर छात्र उसे लगातार आत्महत्या के लिए उकसाते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़ित ने हाउस वार्डन मुकेश और देशराज से शिकायत की, तो उन्होंने मदद करने के बजाय खुद उसे पीटा। वार्डन ने उसे घंटों खड़ा रखा।
परिजनों की शिकायत के बाद सामने आया मामला
पीड़ित के पिता ने इस मामले की शिकायत स्कूल प्रबंधन और चाइल्ड हेल्पलाइन तक की थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने सुजानपुर थाना टीम को स्कूल भेजकर मामले की जांच के आदेश दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी आरोपित छात्रों और दोनों हॉस्टल वार्डन के खिलाफ एंटी रैगिंग एक्ट, पोक्सो एक्ट और बाल अपराध सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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2019 में भी सामने आया था रैगिंग का मामला
यह पहला मौका नहीं है जब सैनिक स्कूल का नाम रैगिंग विवाद में आया हो। वर्ष 2019 में भी कुल्लू के एक छात्र से रैगिंग का मामला दर्ज किया गया था, जिससे संस्थान की अनुशासन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे।
स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई
घटना के बाद एंटी रैगिंग कमेटी और अनुशासन समिति ने जांच शुरू की और शुरुआती कार्रवाई करते हुए एक 12वीं कक्षा के छात्र को निलंबित कर दिया। स्कूल की प्रधानाचार्य कैप्टन रचना जोशी का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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वहीं थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम ने स्कूल पहुंचकर छानबीन की है। आरोपित छात्रों, हाउस वार्डन और अन्य जिम्मेदारों से पूछताछ की गई है। आने वाले दिनों में प्रधानाचार्य सहित एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों से भी विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
