बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले का संस्कृत महाविद्यालय एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आ गया है। मगर स्वारघाट स्थित संस्थान के प्रबंधन ने इस पूरे मामले को भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है।
वायरल वीडियो पर भड़का मुद्दा
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के जरिए संस्था की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। साथ ही साथ छात्रों की छवि भी गलत तरीके से पेश की जा रही है।
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कॉलेज छात्रों को बनाया मुर्गा
महाविद्यालय प्रबंधन ने वीडियो में कुछ युवकों को ‘मुर्गा’ बनाए जाने की घटना पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून अपने हाथ में लेकर छात्रों को इस तरह सार्वजनिक रूप से दंडित करे या उनके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करे।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
अगर किसी को छात्रों के आचरण को लेकर आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी अभिभावकों या संबंधित पुलिस अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहे चार युवकों में से सिर्फ दो ही उनके महाविद्यालय के छात्र हैं।
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कॉलेज का फूटा गुस्सा
घटना के समय ये छात्र भोजन करने के बाद वहीं बैठे हुए थे। जांच के दौरान उनके पास से कोई भी संदिग्ध या नशीला पदार्थ नहीं मिला। ऐसे में उन्हें गलत तरीके से नशे से जोड़ना पूरी तरह निराधार और अनुचित है।
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छात्रों को किया बदनाम
संस्थान ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि वीडियो बनाने, उसे वायरल करने और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रबंधन का कहना है कि बिना ठोस सबूत के छात्रों को बदनाम करना और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
