#अपराध
May 29, 2026
हिमाचल: शराबी फॉरेस्ट गार्ड की करतूत, 3 महिला वन मित्रों के साथ कर दिया कां.ड, हिरासत में लिया
शराब के नशे में धुत्त फॉरेस्ट गार्ड ने महिला वन मित्रों के साथ की घिनौनी हरकत
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक फॉरेस्ट गार्ड ने शराब के नशे में तीन महिला वन मित्रों के साथ मारपीट कर डाली। इस घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान नशे में धुत्त वन रक्षक ने पहले महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में उन पर शारीरिक हमला कर दिया। घटना शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लपियाणा वन उपमंडल की बताई जा रही है। इस वारदात में तीन महिला वन मित्र घायल हुई हैं] जिन्हें बाद में उपचार के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ड्यूटी के दौरान अत्यधिक शराब के नशे में था। मौके पर मौजूद महिला वन मित्र अपने नियमित कार्य में जुटी हुई थीं। इसी दौरान वन रक्षक ने अचानक महिलाओं पर चिल्लाना शुरू कर दिया और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा। महिलाओं ने जब उसके व्यवहार का विरोध किया तो आरोपी अपना आपा खो बैठा। आरोप है कि उसने गुस्से में आकर महिला वन मित्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
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अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महिला वन मित्रों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। घटना के बाद घायल महिलाओं ने तुरंत उच्च अधिकारियों और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इस घटना के बाद महिला कर्मचारियों में भारी रोष देखा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विभाग को और सख्त कदम उठाने चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने भी आरोपी के खिलाफ तुरंत कड़ा रुख अपनाया। धर्मशाला के डीएफओ अमित शर्मा ने आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच के दौरान आरोपी का मुख्यालय धर्मशाला डिवीजन से बाहर रखा जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं या गवाहों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीनता या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।