#अपराध
May 31, 2026
हिमाचल : शराब के नशे में ड्यूटी पर पहुंचा वन रक्षक, महिला कर्मियों पर किया हम.ला- हुआ गिरफ्तार
तीनों वन मित्र महिलाओं को चोटें आईं है
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में वन विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण के कार्य में लगी तीन महिला वन मित्रों ने विभाग के एक वन रक्षक पर अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए हैं।
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस और वन विभाग दोनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कदम उठाए हैं। घटना के बाद विभाग के भीतर भी हलचल मच गई है।
बताया जा रहा है कि लापियाना वन उपमंडल क्षेत्र में महिला वन मित्र अपनी नियमित जिम्मेदारियां निभा रही थीं। इसी दौरान वहां तैनात एक वन रक्षक और महिला कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान वन रक्षक ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया तो मामला और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
महिला कर्मचारियों का आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान तीनों महिलाओं को चोटें आईं। घटना के बाद उन्होंने अपने स्तर पर मामले को दबाने के बजाय इसकी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी। शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया। प्रारंभिक जांच और शिकायत के आधार पर आरोपी वन रक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
उधर, वन विभाग ने भी मामले पर सख्त रुख अपनाया। विभागीय अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और वास्तविक तथ्य क्या हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी को उसके मौजूदा कार्यक्षेत्र से हटाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार का प्रभाव या दबाव नहीं होना चाहिए, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर यह कदम उठाया गया।
इस घटना ने वन विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वन मित्रों की जिम्मेदारियां अक्सर दूरदराज के जंगलों और एकांत क्षेत्रों में होती हैं, जहां उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत किसी भी कर्मचारी से अनुशासित और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। यदि कोई कर्मचारी अपने पद की गरिमा के विपरीत आचरण करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ा रही है, जबकि वन विभाग अलग से विभागीय जांच कर रहा है। दोनों जांचों की रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, महिला वन मित्रों की शिकायत के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं।