सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिनभर चाय बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक मेहनतकश व्यक्ति की वर्षों की कमाई पर साइबर शातिरों ने हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने छोटी-छोटी बचत करके अपने बैंक खाते में एक बड़ी राशि जमा की थी, लेकिन ठगों ने कुछ ही मिनटों में उसकी मेहनत की कमाई को खाते से गायब कर दिया।
मेहनत की कमाई पर ठगों का हाथ
जानकारी के अनुसार सोसाइटीगंज बाजार में चाय का कारोबार करने वाले विद्या दत्त लंबे समय से अपनी आय में से थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर बैंक खाते में जमा कर रहे थे। परिवार की जरूरतों और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वर्षों की मेहनत से एक लाख रुपये से अधिक की राशि जमा की थी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी इस जमा पूंजी पर साइबर अपराधियों की नजर पड़ चुकी है। एक फोन कॉल ने उनकी पूरी आर्थिक स्थिति को हिला कर रख दिया।
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बैंक अधिकारी बनकर रचा जाल
बताया जा रहा है कि पीड़ित के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अधिकारी बताया और क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग विवरण को तुरंत अपडेट करने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान उसने बड़ी चालाकी से पीड़ित का विश्वास जीत लिया और जरूरी जानकारी हासिल कर ली। पीड़ित को यह एहसास तक नहीं हुआ कि वह किसी बैंक अधिकारी से नहीं बल्कि एक साइबर ठग से बात कर रहा है।
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मोबाइल ने दिया धोखे का पहला संकेत
कॉल समाप्त होने के कुछ समय बाद ही पीड़ित का मोबाइल असामान्य तरीके से काम करने लगा। फोन बार-बार अटकने लगा और धीरे-धीरे पूरी तरह से बंद जैसा हो गया। मोबाइल में मौजूद कई सेवाएं काम करना बंद कर गईं और डिजिटल भुगतान संबंधी सुविधाओं तक पहुंच भी बाधित हो गई। उधर इसी दौरान साइबर शातिर अपने मंसूबे को अंजाम देते रहे और खाते से रकम निकालने की प्रक्रिया पूरी कर दी।
दो दिन बाद खुला बड़ा राज
पीड़ित को ठगी का पता तत्काल नहीं चल सका। लगभग दो दिन बाद जब मोबाइल सामान्य रूप से चलने लगा और बैंक से जुड़े संदेशों की जांच की गई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से करीब एक लाख 75 हजार (1.75लाख रुपये की राशि अलग-अलग माध्यमों से निकाली जा चुकी थी। यह वही रकम थी जिसे उन्होंने वर्षों तक चाय बेचकर, खर्चों में कटौती कर और भविष्य के लिए बचाकर रखा था।
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परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
इस घटना के बाद पीड़ित और उसका परिवार गहरे सदमे में है। जिस राशि को उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और त्याग से जोड़ा था, वह कुछ ही क्षणों में हाथ से निकल गई। परिवार के लिए यह केवल पैसों का नुकसान नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और उम्मीदों पर लगा बड़ा झटका है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और धनराशि के लेनदेन का विवरण खंगाला जा रहा है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, गोपनीय संख्या या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। यदि किसी कॉल के बाद मोबाइल में अचानक कोई असामान्य गतिविधि दिखाई दे या बैंक खाते से संबंधित संदिग्ध संदेश प्राप्त हों तो तुरंत बैंक और साइबर अपराध प्रकोष्ठ से संपर्क करें।
