#विविध
May 19, 2026
सुक्खू सरकार का सख्त नियम : ट्रांसफर के लिए सीधे कोर्ट जाने वाले कर्मी नहीं बख्शे जाएंगे, मिलेगी सजा
अनदेखी करने वाले कर्मचारियों पर केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत होगी कार्रवाई
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने तबादला मामलों को लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब विभागीय प्रक्रिया अपनाए बिना सीधे अदालत जाने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर से जुड़ी शिकायत पहले सक्षम अधिकारी के समक्ष उठानी होगी।
बतौर रिपोर्टर्स, सरकार का कहना है कि बार-बार कोर्ट जाने से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा था। नए आदेश के तहत नियमों की अनदेखी करने वालों पर सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्मिक विभाग ने व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांत-2013 में संशोधन करते हुए साफ किया है कि पहले संबंधित सक्षम अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि कई कर्मचारी विभागीय स्तर पर मामला उठाने के बजाय सीधे कोर्ट पहुंच रहे थे, जिससे अदालतों से स्थगन आदेश मिल रहे थे और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे।
इसी को देखते हुए अब नियमों को और सख्त बनाया गया है। नए प्रावधान के तहत निर्देशों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों पर केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े सेवा मामलों में भी नई व्यवस्था स्पष्ट की है।
सरकार ने कहा है कि “हैंड बुक ऑन पर्सोनल मैटर्स” केवल संदर्भ दस्तावेज है, जबकि अंतिम रूप से वही आदेश मान्य होंगे जो सरकार की मूल अधिसूचनाओं और आधिकारिक निर्देशों में जारी किए गए हैं।
सरकार ने सभी विभागों, प्रशासनिक सचिवों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को नए नियमों की पूरी जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सेवा मामले में भ्रम की स्थिति होने पर संबंधित विभाग को कार्मिक या वित्त विभाग से औपचारिक राय लेना जरूरी होगा।