ऊना। हिमाचल प्रदेश की ऊना विधानसभा सीट से बड़ी खबर सामने आई है। फिशरमैन रिलीफ फंड कमेटी के सदस्य सुनील कुमार उर्फ रिंका को जुए में रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। पूर्व BJP प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने इसे लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मेस बाजार की दुकान में चल रहा था जुए का अड्डा

यह मामला बसदेहड़ा-मैहतपुर नगर परिषद क्षेत्र के मेस बाजार का है। शुक्रवार देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक दुकान में छापा मारा। वहां से 14 लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया। सबसे चौंकाने वाला नाम सुनील कुमार उर्फ रिंका का था, जो हिमाचल प्रदेश सरकार की फिशरमैन रिलीफ फंड कमेटी का सदस्य है।

 

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BJP ने कसा सख्त शिकंजा

विधायक सतपाल सत्ती ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सरकारी समितियों और बोर्डों में सीधे माफिया से जुड़े लोगों को जगह दी है। उनका आरोप है कि ये लोग ऊना जिले के कांग्रेस नेताओं को हफ्ता और महीना देते हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकारी कमेटी के सदस्य ही जुए के अड्डों में पाए जा रहे हैं। इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है?

 

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पंजाब से आकर जुआ खेलते हैं लोग

सत्ती ने दावा किया कि पंजाब के कपूरथला, जालंधर और रूपनगर जिलों से लोग ऊना आकर खुलेआम जुआ खेलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में ऊना जुए और नशे का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस कार्यकर्ता अवैध शराब बेचते पकड़े जाते हैं, तो कभी नशीले पदार्थों के साथ। अब तो सरकारी पदों पर बैठे लोग ही कानून तोड़ते मिल रहे हैं।

 

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BJP का आक्रामक रुख, प्रशासन पर भी सवाल

भाजपा ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार सच में जुए और सट्टे के खिलाफ है तो ऐसे लोगों को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी मांग उठी है कि सभी सरकारी समितियों की जांच करवाई जाए कि इनमें किस-किसकी नियुक्ति किन सिफारिशों पर हुई है।

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