कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रही अपनी सख्त मुहिम में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चिट्टे के एक मुख्य सप्लायर को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है, जिससे नशे के इस रैकेट की जड़ें धीरे-धीरे सामने आने लगी हैं।
ऐसे बनी मुख्य सप्लायर तक पहुंच
जानकारी के अनुसार, जिला कांगड़ा के शाहपुर थाना क्षेत्र में पकड़े गए 50 ग्राम चिट्टे के मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अब इस पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुंच बना ली है। गत 15 अक्टूबर की रात शाहपुर पुलिस की विशेष टीम ने गश्त के दौरान सारनू के पास एक संदिग्ध गाड़ी को रोका था।
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तलाशी लेने पर पुलिस को गाड़ी से 50 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 34 हजार रुपए नकद बरामद हुए थे। गाड़ी में सवार दो तस्करों, रामदास उर्फ रामू उम्र 36 साल, निवासी बैजनाथ और राकेश उर्फ सोनू उम्र 37 साल, निवासी पालमपुर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुख्ता सबूत इकट्ठे करने के बाद एक्शन
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद पुलिस को पता चला कि यह चिट्टा पंजाब के अमृतसर से लाया गया था। जांच में जुटी टीम ने पुख्ता सबूत इकट्ठे करने के बाद मुख्य सप्लायर तक पहुंच बनाई और उसके खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार किया।
पंजाबी स्मगलर अरेस्ट
इस पर पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रतन के आदेश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 20 अक्टूबर को अमृतसर पहुंचकर गुप्त सूचना के आधार पर जगरूप सिंह उर्फ मकसूद पुत्र जंगजीत सिंह उम्र 34 साल, निवासी गांव बोपाराय, जिला अमृतसर (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया।
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बताया जा रहा है कि जगरूप सिंह पंजाब-हिमाचल की सीमा पर सक्रिय एक नशा नेटवर्क का हिस्सा है और हिमाचल के कई छोटे सप्लायर्स को चिट्टा पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस कर रही गहन जांच
कांगड़ा एसपी अशोक रतन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि, यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। कांगड़ा पुलिस नशे और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शेगी नहीं। हमारी कोशिश है कि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाए।
