शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के एक सरकारी स्कूल में बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। चियोग के स्कूल में मात्र ढाई साल के मासूम बच्चे के साथ कथित मारपीट का आरोप लगा है।

ढाई साल के बच्चे से मारपीट

घटना ने न सिर्फ अभिभावकों बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चे के पिता गोपाल शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और सीएम पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

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स्कूल में बच्चे की पॉटी

गोपाल शर्मा के अनुसार, उनका नन्हा बच्चा स्कूल में पढ़ाई के दौरान ‘पॉटी’ कर बैठा था। आरोप है कि इस छोटी सी बात पर JBT टीचर विनोद बरागटा ने बच्चे के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना का असर बच्चे के मानसिक हालात पर साफ नजर आ रहा है।

 

टीचर ने बच्चे को मारा

परिजनों के मुताबिक, बच्चा बेहद डरा हुआ है और बार-बार उस घटना को याद कर रो पड़ता है। थप्पड़ का निशान भी कुछ समय तक बच्चे के गाल पर बना रहा, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है।

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मेम ने पिटाई करी....

परिजनों द्वारा बनाए गए एक वीडियो में भी बच्चा खुद इस घटना का जिक्र करता नजर आ रहा है। जब पिता उससे पूछते हैं, तो मासूम अपनी तोतली भाषा में कहता है “मेम ने पिटाई करी”- जो पूरे मामले को और संवेदनशील बना देता है।

 

परिजनों को भी धमकाया

मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। गोपाल शर्मा ने बताया कि जब वे इस घटना की शिकायत लेकर स्कूल प्रिंसिपल के पास पहुंचे, तो संबंधित टीचर ने वहां भी अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि टीचर ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उल्टा यह तक कह दिया कि “जहां शिकायत करनी है कर लो” और बच्चे को अगले दिन से स्कूल न भेजने की बात कही। इस रवैये से अभिभावकों में और अधिक आक्रोश पैदा हो गया है।

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प्रिंसिपल ने की जांच

वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल संदीप शर्मा ने बताया कि उन्हें अभिभावकों की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीचर से भी प्रारंभिक बातचीत की गई है।

 

दूसरे बच्चे को किया गंदा

टीचर ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि बच्चा दूसरे बच्चे को गंदा कर रहा था, जिस कारण यह स्थिति बनी। हालांकि, प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई होगी।

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उठ रहे कई सवाल

इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं-

  • क्या इतने छोटे बच्चों को कक्षा में बिना निगरानी के छोड़ दिया जाता है?
  • उस समय शिक्षक कहां मौजूद था?
  • सबसे अहम, क्या बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार शिक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर खामी को नहीं दर्शाता?

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लोगों का फूटा गुस्सा

स्थानीय निवासी सोहन ठाकुर सहित कई लोगों ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

जांच पर टिकी सबकी नजरें

फिलहाल, सभी की नजर जांच पर टिकी हुई है। मगर इस घटना ने यह जरूर साफ कर दिया है कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर अभी बहुत कुछ सुधार किए जाने की जरूरत है।

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