कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने शादी करवाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये गैंग लोगों को शादी करवाने का झूठा लालच देकर लाखों रुपये, सोना-चांदी और नकदी ठगते थे।
फ्रॉड शादी गैंग का भंडाफोड़
इस गैंग की कार्यप्रणाली इतनी सटीक और योजनाबद्ध थी कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में आसानी से भोले-भाले युवकों को अपने जाल में फंसा लेता था। कांगड़ा पुलिस ने इस पूरे मामले में तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और गिरोह के नेटवर्क की गहराई तक जांच कर रही है।
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युवक की कराई झूठी शादी
नगरोटा बगवां थाना क्षेत्र में 34 वर्षीय शिवपाल, निवासी पटियालकड़, ने पुलिस को शिकायत दी कि कुछ लोगों ने उसे कथित “शादी” का प्रस्ताव दिया। इस नेटवर्क में शामिल आरती, प्रदीप, वलवंत सिंह, राजप्रीत कौर और रेणु ने शिवपाल की शादी पंजाब निवासी रेणु से करवाई।
जेवर-नकदी लेकर फरार हुई ‘दुल्हन’
शादी की रस्में पूरी करवाई गईं ताकि मामला पूरी तरह वास्तविक लगे। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद महिला और उसके साथी घर से सारा नकद, जेवर और कीमती सामान लेकर फरार हो गई।
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थाने पहुंचा मामला
इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि वह एक योजनाबद्ध ठगी का शिकार बन गया है। शिकायत के आधार पर थाना नगरोटा बगवां में FIR नंबर 170/2025, धारा 318(4) और 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसी गिरोह की करतूत उजागर
इसी गैंग की करतूत धर्मशाला थाना क्षेत्र में भी सामने आई है। तंगरोटी निवासी मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दलाल प्रदीप जग्गी और राजप्रीत कौर ने उसकी शादी लुधियाना निवासी मोनिका देवी से करवाई।
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बिचौलिये ने लिए पैसे
शादी के नाम पर उससे ढाई लाख रुपये ले लिए गए और आश्वासन दिया गया कि महिला स्थायी रूप से उसके साथ रहेगी। मगर कुछ ही समय बाद वह भी पूरे घर से सामान समेटकर फरार हो गई। इस मामले में धर्मशाला थाना में FIR नंबर 178/2025, धारा 318(4) और 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज हुआ है।
एक ही नेटवर्क से जुड़े दोनों मामले
पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी के आधार पर 15 नवंबर को पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उन्हें 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड में भेजा है, ताकि गैंग के बाकी सदस्यों, दलालों और इस ठगी के नेटवर्क को खंगाला जा सके।
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झांसे में आए कई युवक
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से हिमाचल- पंजाब की सीमा पर सक्रिय था, और कई युवक इनके झांसे में आ चुके हो सकते हैं। शिकायतकर्ता दोनों मामलों में अलग हैं, लेकिन जांच में यह साफ हो गया है कि दोनों घटनाओं का मास्टरमाइंड और तरीका एक ही है।
सस्ती शादी- जल्दी रिश्ता...
पुलिस की शुरुआती जांच में गैंग की कार्यवाही इस प्रकार सामने आई है दलाल पहले ऐसे युवक चुनते जो आर्थिक रूप से कमजोर हों या शादी के लिए संघर्ष कर रहे हों। फिर उन्हें “सस्ती शादी” या “जल्दी रिश्ता” का लालच दिया जाता।
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दुल्हन गहने लेकर गायब
महिला आरोपी को दुल्हन बनाकर शादी करवाई जाती ताकि युवक विश्वास कर ले। कुछ दिन बाद नकदी, जेवर या उधार ली रकम लेकर महिला गायब हो जाती और दलाल भी फोन बंद कर देते। कई मामलों में पीड़ित शर्म या संकोच के कारण शिकायत दर्ज ही नहीं करवाते थे।
पुलिस की कार्रवाई से गिरोह में हड़कंप
इस गिरोह की गिरफ्तारी के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में हड़कंप मचा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क ने इसी तरह की ठगी अन्य जिलों जैसे ऊना, हमीरपुर या बिलासपुरमें भी की है। जांच अधिकारी भी यह देखने में जुटे हैं कि क्या यह गिरोह किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जो शादी के नाम पर ठगी, मानव तस्करी या अन्य अपराधों में लिप्त हो सकता है।
