चिंतपूर्णी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला का प्रसिद्ध शक्तिपीठ और हिंदूआंे की आस्था का केंद्र माता चिंतपूर्णी मंदिर के अंदर ईसाई धर्म की किताब मिली है। यह कियाब उस अलमारी में मिली है, जहां पर मां भगवती के पूजा पाठ से संबंधित किताबें रखी हुईं थी। इन्हीं किताबों में ईसाई धर्म के प्रचार से संबंधित किताब मिली है। इस किताब के मिलने से सनातन प्रेमियों में गुस्सा है।

चिंतपूर्णी मंदिर के अंदर मिली ईसाई धर्म की किताब

मामले का खुलासा तब हुआ जब माता चिंतपूर्णी मंदिर के अंदर भक्तों के लिए पूजा पाठ की किताबों में ईसाई धर्म की एक किताब मिली। पंजाब से आए एक श्रद्धालु की इस किताब पर नजर पड़ी और उसने इसका वीडियो बना लिया। जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। हालांकि मंदिर के अंदर इस किताब के रखे जाने को किसी शरारती तत्व की हरकत मानी जा रही है।

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एलसीडी पर भी चली थीं ईसाई धर्म की तस्वीरें

बता दें कि इससे पहले भी मंदिर द्वारा भरवाईं में लगाई गई एलसीडी में लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक ईसाई धर्म से संबंधित तस्वीरें प्रसारित होती रहीं थी। उस समय भी हिंदू समाज में काफी रोष था, और सनातम प्रेमियों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। हालांकि जब इस मामले की जांच की गई तो दोष किसी का भी नहीं निकला, लेकिन अब मंदिर के अंदर मां भगवती की किताबों के बीच ईसाई धर्म के प्रचार की किताब का मिलना एक बार फिर कई सवाल खड़े कर रहा है।

 

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लोगों में फैली यह आशंका

लोग आशंका जता रहे हैं कि मंदिर के अंदर का ही कोई कर्मचारी ईसाई धर्म में आस्था तो नहीं रखता है, जिसके चलते ही इस तरह की घटनाएं आए दिन सामने आने लगी हैं। हिंदू समाज ने इस मामले की जांच करने की मांग उठाई है। ताकि आगे से इस तरह की कोई घटना ना घट सके। अब देखना यह है कि मंदिर न्यास इस घटना पर क्या कार्रवाई करता है। क्या न्यास कोई जांच करवाता है या यह सिलसिला ऐसे ही आगे भी चलता रहेगा। 

 

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क्या बोले मंदिर के पुजारी

वहीं इस पूरे मामले की स्थानीय निवासियों और मंदिर के पुजारियों ने भरसक निंदा की है। प्रधान एवं मंदिर ट्रस्टी शशि कालिया, राजेश कालिया, उप प्रधान संजय कालिया, विकास भारद्वाज सहित अन्य लोगों ने इस तरह की हो रही घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर लीपापोती ना करके गंभीरता से लेना चाहिए।

 

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क्या कहते हैं मंदिर अधिकारी

कार्यकारी मंदिर अधिकारी अरुण कुमार ने प्रक्रिया देते हुए बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल जो किताबें अलमारी में रखी थीं उन्हें प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।

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