चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिल चंबा स्थित मैहला क्षेत्र में घास लेने गई 36 वर्षीय महिला के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम पंचायत कुम्हारका के गांव कुम्हारका की रहने वाली महिला ढांक से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल महिला के इलाज में हुई देरी
परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा लेकर पहुंचे। मगर हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे टांडा रेफर कर दिया। टांडा ले जाते समय बाथरी के पास महिला की मौत हो गई।
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समय पर एंबुलेंस न मिलने का आरोप
मृतका की पहचान बोबी देवी (36) पत्नी पवन कुमार, निवासी गांव कुम्हारका, डाकघर उटीप के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मां की मौत के बाद दोनों बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटा आदित्य (11) और बेटी महक (7) मां को ढूंढ रहे हैं।
घास काटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बोबी देवी घास लाने के लिए गई थी। इसी दौरान वह ढांक से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन घायल अवस्था में उसे सुबह करीब 7 बजे मेडिकल कॉलेज चंबा लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस का इंतजार करने लगे।
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परिजनों ने एंबुलेंस में देरी का लगाया आरोप
महिला के भतीजे अमित कुमार का आरोप है कि एंबुलेंस के लिए सुबह करीब साढ़े 7 बजे संपर्क किया गया था। उनका कहना है कि उन्हें कभी एंबुलेंस का टायर बदलने तो कभी डीजल भरवाने की बात कहकर इंतजार करवाया गया।
एंबुलेंस के लिए करना पड़ा इंतजार
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस के इंतजार में काफी समय निकल गया और इस वजह से वे दूसरी निजी एंबुलेंस भी समय पर नहीं ले सके। अमित के अनुसार बाद में कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने के बाद एंबुलेंस की व्यवस्था हो पाई। परिजनों के मुताबिक एंबुलेंस मिलने के बाद महिला को टांडा ले जाया जा रहा था, लेकिन बाथरी के पास उसकी मौत हो गई।
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108 एंबुलेंस प्रबंधन ने बताया पूरा घटनाक्रम
108 एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक सुनील धर ने देरी के आरोपों पर बताया कि सुबह 8:24 बजे मेडिकल कॉलेज चंबा से एंबुलेंस की आवश्यकता को लेकर फोन आया था। सूचना मिलते ही बालू से एक एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।
वेंटिलेटर वाली एंबुलेंस चाहिए थी
उनके अनुसार एंबुलेंस पुलिस लाइन के पास पहुंची ही थी कि 8:54 बजे दोबारा सूचना मिली कि मरीज को सामान्य एंबुलेंस के बजाय वेंटिलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस की आवश्यकता है। इसके बाद सामान्य एंबुलेंस को वापस भेजकर वेंटिलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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रास्ते में ही हुई महिला की मौत
सुनील धर के मुताबिक वेंटिलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस सुबह 9:12 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची और करीब 9:30 बजे महिला को लेकर टांडा के लिए रवाना हुई। रास्ते में बाथरी के पास महिला की मौत हो गई।
एंबुलेंस में शव वापस लाने का प्रावधान
उन्होंने बताया कि निर्धारित नियमों के अनुसार मरीज की मृत्यु होने के बाद एंबुलेंस में शव को वापस लाने का प्रावधान नहीं है। हालांकि मानवीय आधार पर एंबुलेंस कर्मियों ने मृतका के शव को उसी एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा प्रशासन ने भी 108 एंबुलेंस प्रबंधन से घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा है। मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. प्रदीप के अनुसार एंबुलेंस सेवा में किसी तरह की देरी हुई या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। पूरे घटनाक्रम, एंबुलेंस की समयबद्धता और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों में रोष
दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि एंबुलेंस की उपलब्धता और महिला को अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद परिवहन में वास्तविक स्थिति क्या रही।
