#अव्यवस्था

September 14, 2026

हिमाचल में गजब! घर पर खड़ी स्कूटी का कट गया चालान, मैसेज देख उड़े मालिक के होश

वाहन मालिक ने चालान का ऑनलाइन रिकॉर्ड देखा- तो गड़बड़ी सामने आई

शेयर करें:

e challan traffic overspeeding himachal police management error bharari bilaspur

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में ई-चालान व्यवस्था से जहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखना आसान हुआ है। वहीं कभी-कभी सिस्टम की एक छोटी सी गलती वाहन मालिक के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। ऐसा ही एक मामला जिला बिलासपुर की भराड़ी उपतहसील से मामला सामने आया है।

घर पर खड़ी स्कूटी का चालान

यहां घर पर खड़ी स्कूटी के मालिक के मोबाइल पर ओवरस्पीडिंग का चालान पहुंच गया। चालान में बताया गया कि वाहन ने औहर (पलथी) क्षेत्र में निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन किया है। मगर कहानी में असली ट्विस्ट इसके बाद सामने आया।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : पहले रिश्ता और सगाई- फिर इलाज का बहाना…शादी के नाम पर लाखों की लूट, केस दर्ज

मोबाइल पर आया चालान कटने का मैसेज

ग्राम पंचायत गाहर के बाह गांव निवासी प्रवीण कुमार को तब हैरानी हुई- जब उनके मोबाइल पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने का चालान कटने का मैसेज आया। प्रवीण कुमार के अनुसार जिस समय का चालान उनके मोबाइल पर आया, उस वक्त उनकी स्कूटी घर पर खड़ी थी।

रिकॉर्ड देखा तो समझ आई गड़बड़ी

वह खुद भी उस रास्ते से नहीं गुजरे थे। मामले की सच्चाई जानने के लिए प्रवीण ने ई-चालान का ऑनलाइन रिकॉर्ड देखा- तो वाहन के नंबर में गड़बड़ी सामने आई।ऑनलाइन चालान में जिस वाहन का नंबर दर्ज था, वह HP 22D-8432 था। यह नंबर एक कार का है। जबकि प्रवीण कुमार की स्कूटी का नंबर HP 23D-8432 है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल की बिटिया ने बढ़ाया मान- सेना में मेजर बनीं आंचल, वर्दी पर सितारे देख मां-बाप भावुक

सिर्फ एक अंक का अंतर और बदल गया पूरा वाहन

यानी दोनों नंबरों में सिर्फ जिला कोड का अंतर है- 22 और 23। चालान में वाहन का प्रकार भी कार दर्ज है, लेकिन नंबर की इस कथित गलती के चलते चालान प्रवीण के मोबाइल नंबर से जुड़ गया। जिसके चलते उन्हें दूसरी गाड़ी की ओवरस्पीडिंग का संदेश मिल गया।

गलत चालान रद्द कराने की मांग

प्रवीण कुमार का कहना है कि उनकी स्कूटी औहर (पलथी) की ओर गई ही नहीं थी। ऐसे में किसी दूसरी गाड़ी के नियम उल्लंघन का चालान उनके नाम पर पहुंचना उन्हें बेवजह परेशानी में डाल रहा है। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर गलत चालान को रद्द करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में देवी मां के दर पर बड़ी चोरी : मंदिर से सोने-चांदी के आभूषण गायब, CCTV भी उठा ले गए

कैसे आया गलत चालान?

साथ ही यह भी स्पष्ट करने की अपील की है कि वाहन नंबर दर्ज करने में गलती आखिर किस स्तर पर हुई। अब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि मामला तकनीकी गड़बड़ी का है या चालान तैयार करते समय वाहन नंबर दर्ज करने में मानवीय भूल हुई।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख