#यूटिलिटी
September 14, 2026
हिमाचल में घर बनाना मुश्किल : 500 रुपये महंगा हुआ सरिया, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम
कहीं 800 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े सरिये के दाम
शेयर करें:

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों को निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। बाजार में सरिये के दामों में पिछले कुछ दिनों से तेजी दर्ज की जा रही है।
करीब एक सप्ताह के भीतर सरिया लगभग 500 रुपये प्रति क्विंटल तक महंगा हो गया है। वहीं, कुछ कंपनियों के उत्पादों में कीमतों में इससे भी अधिक बढ़ोतरी बताई जा रही है। अचानक बढ़े दामों का सीधा असर मकान और अन्य भवनों के निर्माण बजट पर पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले करीब 6000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा सरिया अब लगभग 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों और गुणवत्ता के हिसाब से इसके दामों में अंतर बना हुआ है। बाजार में रोजाना कीमतों में बदलाव भी देखने को मिल रहा है।
बिलासपुर के सीमेंट-सरिया विक्रेता पवन बरूर के अनुसार, बीते करीब एक सप्ताह से सरिये की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि विभिन्न कंपनियों के सरिये के भाव अलग-अलग हैं और कुछ उत्पादों में कीमत करीब 700 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ी है।
सरिये की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं है। सोलन जिले में भी सरिये के दामों में करीब 800 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि होने की जानकारी सामने आ रही है। मगर अभी पुष्टी नहीं हो पाई है। इससे निर्माण सामग्री खरीदने वाले लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है।
मकान निर्माण में सरिया एक महत्वपूर्ण सामग्री है। इसके साथ सीमेंट और दूसरी निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने पर पूरी परियोजना की लागत बढ़ जाती है। जिन परिवारों ने पहले से सीमित बजट तय करके निर्माण कार्य शुरू किया है, उनके लिए अचानक बढ़ी कीमतें परेशानी का कारण बन रही हैं।
निर्माण के बीच सामग्री महंगी होने से लोगों को अतिरिक्त धन की व्यवस्था करनी पड़ रही है। कई परिवारों को अब अपने निर्माण कार्य की रफ्तार कम करने या जरूरी हिस्सों का काम पहले पूरा कर बाकी निर्माण बाद में करवाने पर विचार करना पड़ रहा है।
निर्माण सामग्री के लगातार बढ़ते दामों का सबसे अधिक असर सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। पहले से तैयार बजट में काम पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। अगर सरिये के साथ सीमेंट और अन्य जरूरी सामग्री की कीमतों में भी बढ़ोतरी जारी रहती है- तो आने वाले समय में मकान बनाने का कुल खर्च और बढ़ सकता है।
ऐसे में घर बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने अब सामग्री खरीदने का सही समय तय करना भी चुनौती बन गया है। बाजार में कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव के कारण निर्माण का अनुमानित बजट बार-बार बदल रहा है।