#अव्यवस्था
September 8, 2026
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में गैस खत्म...शिक्षक घर से ढो रहे इंडक्शन-हीटर, मिड-ले मील पर संकट
करीब डेढ़ दर्जन स्कूलों में गैस सिलेंडर ना होने की परेशानी बनी हुई है
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के स्कूलों में शिक्षक बच्चों को पढ़ाएं या उनके लिए दोपहर का खाना तैयार करने की जुगत लगाएं? दरअसल, तीसा उपमंडल के कई स्कूलों में इन दिनों यही परेशानी बनी हुई है। रसोई गैस सिलिंडर खत्म होने के बाद शिक्षकों को मजबूरी में घरों से इंडक्शन और हीटर लाकर बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करना पड़ रहा है।
सोमवार को तीसा क्षेत्र के कई स्कूलों में गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में कहीं इंडक्शन तो कहीं इलेक्ट्रिक हीटर के सहारे दोपहर का भोजन तैयार किया गया।
बिजली से चलने वाले इन उपकरणों पर बड़ी मात्रा में खाना पकाना आसान नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि भोजन ठीक से नहीं पक पा रहा, जिसके चलते बच्चों को मजबूरी में आधा-पका या कच्चा-पक्का खाना परोसने की स्थिति बन रही है।
गैस की समस्या नई नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षक पहले अपने घर या आसपास के लोगों से सिलिंडर लेकर स्कूल में खाना बनवा रहे थे। अब उनके घरों के सिलिंडर भी खत्म हो चुके हैं।
इसके बाद शिक्षकों ने घरों से इंडक्शन और हीटर लाकर किसी तरह बच्चों का भोजन तैयार करने का रास्ता निकाला है। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों को भूखा नहीं रखा जा सकता, इसलिए वे अपनी तरफ से व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ तीसा के अध्यक्ष दुनी चंद शर्मा के अनुसार, क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन स्कूलों में लंबे समय से गैस सिलिंडर की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में शिक्षक अपने घरों से सिलिंडर लाकर व्यवस्था संभालते रहे। मगर अब कई शिक्षकों के पास भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इलेक्ट्रिक उपकरणों के जरिए भोजन तैयार करना पड़ रहा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग चंबा के नियंत्रक कर्ण ने बताया कि सिलिंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। असल दिक्कत गैस कनेक्शन के साथ आधार लिंक मोबाइल नंबर को लेकर सामने आ रही है।
उन्होंने बताया कि तीसा सहित कुछ क्षेत्रों में शिक्षकों के घर के गैस कनेक्शन उनके मोबाइल नंबर से जुड़े हुए हैं। एक ही मोबाइल नंबर पर दूसरा कनेक्शन लिंक नहीं हो पाने के कारण स्कूलों के लिए सिलिंडर रिफिल करवाने में परेशानी आ रही है।
विभाग के अनुसार, इस समस्या का समाधान स्कूल के किसी अन्य स्टाफ सदस्य का मोबाइल नंबर कनेक्शन के साथ लिंक करवाकर किया जा सकता है। इससे स्कूल के नाम से सिलिंडर रिफिल करवाने में आ रही तकनीकी दिक्कत दूर हो सकती है। विभाग ने मामले पर संबंधित लोगों से बात कर जल्द समाधान निकालने की बात कही है।
प्राथमिक शिक्षा विभाग चंबा के उपनिदेशक मनोहर लाल ने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और संबंधित स्कूलों के शिक्षकों से बात की जाएगी। समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक समाधान निकाला जाएगा, ताकि बच्चों के दोपहर के भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।
फिलहाल तीसा के स्कूलों में शिक्षक अपने स्तर पर व्यवस्था संभाल रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि बच्चों के लिए नियमित और ठीक से पका भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आखिर कब तक शिक्षकों को अपने घर के सिलिंडर, हीटर और इंडक्शन के सहारे निभानी पड़ेगी।