#अव्यवस्था
September 7, 2026
आपदा में टूटा स्कूल, 3 साल बाद भी नहीं हटा मलबा- दो कमरों में पढ़ने को मजबूर 32 बच्चे
निरीक्षण के बाद भी सरकार ने नहीं उठाया कोई ठोस कदम
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कुल्लू। आपदा का मंजर गुजर जाता है, लेकिन उसके निशान कई बार सालों तक लोगों की जिंदगी में बने रहते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल भी ऐसी ही अनदेखी की कहानी बयां कर रहा है।
यहां वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ स्कूल भवन आज भी बदहाल हालत में पड़ा है। हालात यह हैं कि भवन का मलबा तक पूरी तरह नहीं हटाया गया और बच्चों को दूसरे भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
मामला राजकीय प्राथमिक पाठशाला छन्नीखोड़ का है। स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद यहां पढ़ने वाले 32 विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एक पुराने निजी भवन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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स्कूल की कक्षाएं इस भवन के सिर्फ दो कमरों में संचालित हो रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि वैकल्पिक भवन भी काफी पुराना है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, 2023 की आपदा में स्कूल भवन को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद भवन में मौजूद डेस्क और अन्य सामान भी मलबे में दब गया।
अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से क्षतिग्रस्त भवन और मलबे को हटाने की मांग शिक्षा विभाग के सामने रखी जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बिट्टू के मुताबिक, 2023 में भवन क्षतिग्रस्त होने के बावजूद कुछ समय तक असुरक्षित भवन में ही कक्षाएं चलती रहीं। इसके बाद वर्ष 2024 में बच्चों को पुराने निजी भवन में शिफ्ट किया गया।
उनका कहना है कि 2025 में आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त स्कूल भवन को और नुकसान पहुंचा। विभाग की टीम ने पिछले वर्ष मौके का निरीक्षण भी किया था, लेकिन उसके बाद पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लंबे समय तक इस तरह अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाना उचित नहीं है। पुराने भवन में सीमित जगह होने के कारण पढ़ाई के साथ सुरक्षा को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। अभिभावक जया कुमारी ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त भवन का मलबा जल्द हटाया जाए और स्कूल के लिए सुरक्षित भवन तैयार किया जाए।

ग्राम पंचायत की ओर से भी इस मामले को लेकर प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक को मांगपत्र भेजा गया है। पंचायत ने स्कूल भवन के मलबे को हटाने के साथ-साथ नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया है। ग्राम पंचायत चौंग के प्रधान बलवंत कुमार का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाना चाहिए।
मामले को लेकर कुल्लू के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ज्ञानचंद ने कहा है कि अगर स्कूल में ऐसी स्थिति बनी हुई है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम को दोबारा मौके पर भेजा जाएगा। निरीक्षण के बाद सामने आने वाली स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित भवन में पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
2023 की आपदा के बाद से छन्नीखोड़ स्कूल के विद्यार्थी स्थायी भवन का इंतजार कर रहे हैं। एक ओर क्षतिग्रस्त स्कूल भवन आज भी मलबे के रूप में मौजूद है, वहीं दूसरी ओर 32 बच्चों की पढ़ाई दो कमरों के पुराने भवन में चल रही है।
अब स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि विभागीय टीम के निरीक्षण के बाद क्या वास्तव में स्कूल भवन के पुनर्निर्माण और मलबा हटाने की दिशा में काम शुरू होता है या बच्चों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।