#अव्यवस्था
September 19, 2026
हिमाचल में शराब फैक्ट्री का लाइसेंस सस्पेंड : एक्सपायरी चीजों से तैयार हो रहा था माल
जरूरी रिकॉर्ड और लेबलिंग में भी कमी
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नारग में संचालित एक शराब निर्माण इकाई पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने कार्रवाई की है। मैसर्स पैराडाइज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद कंपनी का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।
FSSAI की निरीक्षण टीम के मुताबिक, डिस्टिलरी में तैयार होने वाले वोदका और व्हिस्की जैसे मादक पेय पदार्थों के निर्माण में एक्सपायर हो चुके फ्लेवर और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल से संबंधित खामियां पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान उत्पादन क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। कुछ ब्लेंडिंग टैंक खुले पाए गए, जबकि बोतल साफ करने वाली मशीन पर धूल और ग्रीस जमा होने की बात निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आई।
जांच टीम ने परिसर में कांच के टूटे टुकड़े मिलने और उनके प्रबंधन को लेकर भी आपत्ति दर्ज की। निरीक्षण के दौरान निर्धारित ग्लास सेफ्टी व्यवस्था के अभाव की बात सामने आई।
इसके अलावा भवन की स्थिति, रोशनी, दरवाजों की फिटिंग, दीवारों से उखड़ता पेंट, पैकिंग व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल से जुड़ी कमियां भी दर्ज की गईं। खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर भी खामियां बताई गई हैं।
FSSAI के अनुसार, कर्मचारियों के मेडिकल और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे और फूड सेफ्टी सिस्टम ऑडिट से संबंधित दस्तावेज भी अधूरे पाए गए।
इसके अलावा, केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण की ओर से दिए गए निर्देशों के बावजूद कुछ लिकर उत्पादों की लेबलिंग में आवश्यक वैधानिक बदलाव नहीं किए गए थे।
लाइसेंस निलंबित करने के साथ FSSAI ने डिस्टिलरी प्रबंधन को निर्देश दिया है कि निलंबन अवधि में संबंधित खाद्य और पेय उत्पादन गतिविधियां बंद रखी जाएं। कंपनी को निरीक्षण में सामने आई तकनीकी, संरचनात्मक और स्वच्छता संबंधी कमियों को निर्धारित समय में दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
FSSAI ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की है। वहीं, स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है।