#अपराध
September 20, 2026
साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं

ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल फोन का अचानक डार्क हो जाना एक व्यक्ति के लिए भारी पड़ गया। कुछ देर तक उसे लगा कि फोन में तकनीकी खराबी आई है या कोई सिस्टम अपडेट चल रहा है। लेकिन जब मोबाइल दोबारा ठीक हुआ और बैंक से फोन आया, तब उसे पता चला कि उसके खाते में सेंध लग चुकी है।
मामला डेरा बाबा रुद्रानंद क्षेत्र से जुड़ा है। नंगल सलांगड़ी निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगों ने करीब 30 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित के मुताबिक ठगी का सिलसिला उस समय शुरू हुआ- जब उसका मोबाइल फोन अचानक सामान्य तरीके से काम करना बंद कर गया।
शुक्रवार शाम करीब तीन बजे व्यक्ति ने देखा कि उसका मोबाइल फोन अचानक डार्क मोड में चला गया है। उसे लगा कि शायद फोन में कोई सिस्टम अपडेट हो रहा है। उसने फोन को स्विच ऑफ करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल बंद नहीं हुआ।
करीब एक घंटे तक फोन सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसके बाद मोबाइल दोबारा चलने लगा। व्यक्ति को उस समय तक अंदाजा नहीं था कि इसी दौरान उसके बैंक खाते में साइबर ठगों ने सेंध लगा दी है।
कुछ देर बाद बैंक की ओर से उसके पास फोन पहुंचा। बैंक कर्मचारी ने खाते से 20 हजार रुपये की निकासी को लेकर पुष्टि मांगी। व्यक्ति ने साफ तौर पर बताया कि उसने ऐसी कोई निकासी नहीं की है।
बैंक से हुई बातचीत के बाद व्यक्ति को शक हुआ। उसने तुरंत UPI के जरिए अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया। खाते की जानकारी सामने आते ही उसके होश उड़ गए।
खाते से करीब 30 हजार रुपये निकाले जा चुके थे। इतना ही नहीं, साइबर ठग अलग-अलग रकम के ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से और पैसे निकालने की कोशिश भी कर रहे थे। इसके बाद व्यक्ति ने बिना समय गंवाए अपने बैंक खातों को बंद करवाने की कार्रवाई शुरू की, ताकि ठग आगे किसी रकम को निकाल न सकें।
मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत साइबर सेल शिमला में दर्ज की गई। इसके साथ ही उसने बैंक को भी खाते बंद करने की सूचना दी।
शनिवार को पीड़ित ने साइबर सेल ऊना में पहुंचकर भी पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। अब मामले में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल फोन के साथ क्या हुआ था और साइबर ठगों ने खाते तक कैसे पहुंच बनाई।
इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़ी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब फोन में अचानक असामान्य गतिविधि दिखाई दे और उसी दौरान बैंक खाते से जुड़े ट्रांजैक्शन होने लगें। ऐसी स्थिति में किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऐप पर भरोसा करने के बजाय तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करना जरूरी है।